Iran US Tensions: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर पोस्टर और बिलबोर्ड नारों के जरिए सड़कों पर दिखाई देने लगा है. ईरान की राजधानी तेहरान में मंगलवार को अमेरिका विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए. मध्य तेहरान के व्यस्त एंगेलाब चौक के पास लगे एक विशाल पोस्टर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जेल की सलाखों के पीछे दिखाया गया है. इसके साथ लिखा है, ‘हम ट्रंप को मार डालेंगे.’
तेहरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी देने वाला विशाल बिलबोर्ड लगाया गया है. इसमें ट्रंप को जेल की सलाखों के पीछे दिखाते हुए लिखा गया है, ‘हम ट्रंप को मार डालेंगे.’ शहर में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की मांग भी की. पोस्टर सामने आने के बाद यह तस्वीर ईरान के अमेरिका विरोधी संदेशों और दोनों देशों के बीच जारी तनाव को लेकर चर्चा में आ गई है.
हाथों में लाल झंडे लेकर सड़कों पर उतरे लोग
एंगेलाब चौक पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए. प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाल झंडे और बैनर थे. एक बैनर पर लिखा था, ‘खून बहेगा’. लोग ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की मांग कर रहे थे. खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों में हुई थी. इसके बाद पश्चिम एशिया में युद्ध भड़क गया था.
ट्रंप की खून से सनी तस्वीरें लगाईं
तेहरान के उत्तरी हिस्से में स्थित ताजरीश चौक पर खुले मैदान में एक प्रदर्शनी लगाई गई. इसमें ट्रंप की कई विवादित तस्वीरें प्रदर्शित की गईं. एक चित्र में उन्हें जमीन पर मुंह के बल गिरा हुआ दिखाया गया है. उनका चेहरा खून से सना है और उनके सिर पर किसी व्यक्ति का पैर रखा हुआ है. एक अन्य चित्र में ट्रंप के चेहरे को बम से ढका हुआ दिखाया गया है. इसके अलावा, वहां जेल की कोठरी की आदमकद प्रतिकृति भी बनाई गई है. इसमें एक कलाकार पूरे दिन ट्रंप का रूप धारण कर बंदी के रूप में बैठा रहता है. पास लगी एक बड़ी स्क्रीन पर ईरान में अमेरिकी हवाई हमलों से हुई तबाही की तस्वीरें दिखाई जाती हैं.
ईरान ने आरोप लगाया है कि युद्ध के दौरान ट्रंप ने जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें एक स्कूल और विवाह समारोह भी शामिल हैं. ईरान का दावा है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई दर्जन लोगों की जान चली गई. ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सरकारी पोस्टर और दीवारों पर बनाए जाने वाले चित्र सार्वजनिक स्थानों का हिस्सा रहे हैं. इनके जरिए सहयोगियों का सम्मान, सैन्य हस्तियों को श्रद्धांजलि और विरोधी देशों को राजनीतिक संदेश दिए जाते रहे हैं. खासतौर पर अमेरिका और इजराइल को निशाना बनाकर ऐसे संदेश प्रदर्शित किए जाते हैं.
मालूम हो कि एक तरफ तेहरान में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन और धमकी भरे पोस्टर दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं. इन कोशिशों का मकसद युद्ध को दोबारा भड़कने से रोकना और क्षेत्र में फैले तनाव को कम करना है. ट्रंप ने भी समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया है.