Iran: ईरान में विरोध-प्रदर्शनों को वहां की सरकार ने कुचल दिया है और अब जब ऐसा लग रहा है कि हालात सामान्य होने की तरफ हैं, लेकिन लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दिमाग में कुछ और ही चल रहा है. दरअसल, अमेरिका का युद्धपोत अब्राहम लिंकन ईरान के नजदीक पहुंच गया है, जिससे आशंका पैदा हो गई है कि शायद ट्रंप ईरान पर हमले की तैयारी में हैं.
पश्चिम एशिया पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत
मालूम हो कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन बेहद शक्तिशाली युद्धपोत है, जो निमित्ज क्लास का है और परमाणु ऊर्जा से संचालित होता है.यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 का नेतृत्व करता है. यह युद्धपोत 19 जनवरी को मलक्का की खाड़ी से गुजरा.
इस युद्धपोत के साथ एर्ले बुर्क क्लास के तीन डेस्टॉयर (विध्वंसक जहाज) यूएसएस फ्रैंक ई पीटरसन जूनियर, यूएसएस स्प्रांस, यूएसएस माइकल मर्फी भी शामिल हैं. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को पश्चिम एशिया में तैनात किया गया है.
युद्धपोत के साथ ही अमेरिका ने अपने फाइटर जेट्स और कार्गो फ्लीट को भी ईरान के आसपास तैनात किया है. अमेरिका के इस कदम को ईरान पर दबाव बनाने के तौर पर देखा जा रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते दिनों सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया था कि एक बड़ी नौसैन्य टुकड़ी ईरान की दिशा में बढ़ रही है, लेकिन हो सकता है कि उसे इस्तेमाल करने की जरूरत ही न पड़े.
ईरान में हुए विरोध–प्रदर्शनों में हजारों लोग मारे गए
मालूम हो कि ईरान में बीते दिसंबर में बढ़ती महंगाई और बिगड़ती अर्थव्यवस्था के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे. इन विरोध-प्रदर्शन में 6 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है. ईरान की सरकार ने कई प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की तैयारी कर ली थी, लेकिन अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने फिलहाल फांसी की सजा टाल दी है. अमेरिकी धमकियों के बीच ईरान ने भी चेताया है कि वे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर अमेरिका हमला करता है तो पूरी ताकत से हमले का जवाब दिया जाएगा.