Iran Israel War: ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ चल रहे अपने सैन्य अभियान के पैमाने का विवरण इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने दिया है. आईडीएफ ने दावा किया है कि पिछले एक महीने में ईरान के भीतर हजारों ठिकानों को निशाना बनाया है. इस अभियान में अमेरिकी सेना का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. इस्राइल ने कहा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य शक्ति और उसके आतंकी नेटवर्क का खात्मा करना है.
इस्राइली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफरिन ने एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी किया. उन्होंने दावा कि इस संयुक्त अभियान में अब तक 4,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया गया है. इन हमलों में ईरान के 10,000 से अधिक आतंकी घटकों को नष्ट कर दिया गया है. इस्राइल का दावा है कि उसने ईरानी हवाई क्षेत्र में एक ईरानी विमान को मार गिराया है. सेना ने यह भी कहा कि इस दौरान लेबनान में घुसकर हिजबुल्ला के खिलाफ भी अभियान में तेजी लाई गई है.
आईडीएफ का दावा- 16,000 से ज्यादा बम बरसाए
प्रवक्ता के मुताबिक, इस्राइली वायुसेना ने ईरान में लगभग 800 उड़ानें भरीं और 16,000 से ज्यादा बम बरसाए. इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के 2,000 से अधिक सैनिकों और कमांडरों के मारे जाने की बात कही गई है. वहीं, मास्टर आतंकवादी अली खामेनेई को खत्म करने का भी दावा किया गया है. इस्राइल ने दावा किया कि उसकी वायुसेना महज 24 घंटे के अंदर तेहरान के केंद्र तक पहुंच गई. सेना के अनुसार, सिर्फ 40 सेकंड के भीतर ईरानी शासन के 40 बड़े अधिकारियों को खत्म कर दिया गया.
इस हमले की पुष्टि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी की है. अमेरिका ने ईरान के भीतर बने जमीन के नीचे सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं. सेंटकॉम का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की क्षमता को कम करना है. अमेरिका और इस्राइल दोनों मिलकर ईरान को भविष्य में किसी भी बड़े खतरे को पैदा करने से रोकना चाहते हैं.
जल्द ढह जाएगी ईरानी सत्ता: नेतान्याहू
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस अभियान को लेकर अपना रुख रखा. उन्होंने कहा कि इस्राइल और अमेरिका मिलकर ईरान सरकार को व्यवस्थित तरीके से कुचल रहे हैं. नेतन्याहू ने दावा किया कि जल्द ही ईरान का शासन खत्म हो जाएगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस्राइल इस क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण देशों के साथ नए गठबंधन बना रहा है, ताकि ईरानी खतरे का मिलकर मुकाबला किया जा सके.
दूसरी ओर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने भी पलटवार का दावा किया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के ठिकानों पर चार बड़े हमले किए हैं. हमले में तेल अवीव में मिसाइल गिरने से सड़क पर गड्ढा हो गया. जिसका वीडियो भी सामने आया है. ईरान ने फारस की खाड़ी में इस्राइल के एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल दागने का दावा किया है. इसके अलावा यूएई में अमेरिकी मरीन के ठिकाने और बहरीन में अमेरिकी ड्रोन सिस्टम को नष्ट करने का दावा किया गया है.

