Israel Iran Conflict: अमेरिका ने पश्चिमी एशिया में जंग के बीच दावा किया वह ईरान के साथ बातचीत करने के लिए आगे बढ़ रहा है. इस बीच इजरायल की सेना ने कहा है कि उन्होंने तेहरान से आने वाली मिसाइलों को रोक दिया है. वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी और इजराइली ठिकानों पर हमलों की 80वीं लहर चला दी है. इस बीच इजरायल ने तेहरान पर हमला किया, जिसमें एक आवासीय इलाका भी प्रभावित हुआ.
ईरानी हवाई सुरक्षा व्यवस्था ने तेहरान के पास और मरकजी प्रांत में अमेरिकी क्रूज मिसाइलों को मार गिराया. रिपोर्ट्स के अनुसार, IRGC की एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम ने दो AGM-158 क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया. ईरान का कहना है कि यह हमले उनकी एकीकृत राष्ट्रीय हवाई सुरक्षा नेटवर्क के तहत किए गए.
लेबनान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी (NNA) ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि इजरायल के हमलों में दक्षिणी सिदोन इलाके के अदलौन शहर में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई. कुल मिलाकर इस क्षेत्र में छह से ज्यादा लोगों की जान गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे “इजरायली दुश्मन का हमला” बताया है.
ये हमले ईरान-इजराइल-अमेरिका संघर्ष के बीच लेबनान को भी प्रभावित कर रहे हैं. इजराइल का दावा है कि ये हमले हिजबुल्लाह जैसे ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए, लेकिन स्थानीय मीडिया में नागरिकों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं. इस संघर्ष में लेबनान में अब तक सैकड़ों लोग प्रभावित हो चुके हैं.
तेल अवीव में गिरी ईरानी मिसाइल
मंगलवार को ‘टाइम्स ऑफ़ इज़रायल’ ने बताया कि तेल अवीव पर एक ईरानी मिसाइल गिरने से छह लोग मामूली रूप से घायल हो गए हैं. अखबार ने ‘चैनल 12’ का हवाला देते हुए बताया कि पुलिस के मुताबिक, लगभग 100 किलोग्राम विस्फोटक ले जा रहा एक गोला मध्य तेल अवीव में गिरा. इस हमले में कई इमारतों और वाहनों को नुकसान पहुंचा. मिसाइल के कुछ हिस्से तेल अवीव के पूर्व में स्थित रोश हायिन में भी गिरे.
IRGC ने प्रेस टीवी के जरिए बयान जारी कर कहा कि उन्होंने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत 80वीं लहर में उत्तरी कब्जे वाले इलाकों और क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों बड़े मिसाइल हमले किए. बयान में कहा गया कि रणनीतिक सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया गया और हमले सतत और भारी थे.
ईरान के अनुसार, इन हमलों में ठोस और तरल ईंधन वाली प्रिसीजन मिसाइलों के साथ ड्रोन भी इस्तेमाल किए गए. अमेरिकी बेस जैसे अली अल-सेलेम, अरिफजान, अल-अज्रक और शेख ईसा को भी टारगेट किया गया. इस पूरे अभियान को ईरान अपनी जवाबी कार्रवाई बता रहा है.
तेहरान पर इजराइल ने किया हमला
इजराइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने टेलीग्राम पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने तेहरान में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमलों की एक लहर शुरू की. इजराइली मीडिया और ईरानी समाचार एजेंसी SNN दोनों ने पुष्टि की कि हमले तेहरान में हुए.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, हमलों में एक आवासीय इलाका भी प्रभावित हुआ. बचावकर्मियों ने मलबे से एक व्यक्ति को जिंदा निकाला, लेकिन कई जगहों पर नुकसान की खबरें हैं. इजराइल का कहना है कि ये हमले ईरानी ‘आतंकवादी रिजीम’ के ठिकानों पर थे.