जबलपुर: मध्यप्रदेश से हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मसिरा सर्किल में बाघ और बाघिन का शव मिला. इसकी जानकारी होते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों शव महज 200 मीटर की दूरी पर पाए गए हैं, जिससे पूरे मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है. प्रारंभिक आशंका करंट लगने से मौत की जताई जा रही है. सूचना मिलते ही वन विभाग ने इलाके की घेराबंदी कर डॉग स्क्वाड और विशेष टीमों के साथ जांच शुरू कर दी है.
करंट लगने से बाघ-बाघिन की मौत की आशंका
मिली जानकारी के मुताबिक, जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए खेतों अवैध रूप से करंट फैलाया गया था. इसी करंट की चपेट में आकर बाघ और बाघिन की मौत होने की आशंका जताई जा रही है. मसिरा सर्किल के आरएफ 382 क्षेत्र के पास दोनों के शव संदिग्ध अवस्था में मिले हैं. घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे.
रात में बाघ और सुबह बाघिन मिली मृत
बताया जा रहा है कि रविवार रात सबसे पहले एक बाघ का शव मिलने की सूचना वन विभाग को मिली थी. टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. इसी दौरान सोमवार को तड़के उसी इलाके के आसपास एक बाघिन का शव भी बरामद हुआ, जिसके बाद मामला और ज्यादा गंभीर हो गया. दोनों शव राजस्व क्षेत्र में मिले हैं.
डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया
सूत्रों के अनुसार, दोनों बाघों की मौत करंट लगने से हुई है. हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि दो बाघों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.
उन्होंने कहा कि पीएम रिपोर्ट से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.।फील्ड स्टाफ और विशेषज्ञ टीमें पूरे क्षेत्र में सघन सर्चिंग कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि मामला प्राकृतिक है या किसी अवैध गतिविधि से जुड़ा हुआ. इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता देखी जा रही है. वन विभाग ने भरोसा दिलाया है कि जल्द जांच पूरी कर बाघों की मौत की सच्चाई सामने लाई जाएगी.

