Dhaka: बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के दो मामलों में कुल 10 साल की जेल की सजा सुनाई है. यह मामला पुर्बाचल न्यू टाउन सरकारी परियोजना में प्लॉट आवंटन से जुड़ा हुआ है, जिसमें हसीना को कोर्ट ने दोषी ठहराया. अदालत ने प्रत्येक मामले में उन्हें 5-5 साल की सजा दी है. इन्ही मामलों में शेख हसीना की भतीजी और ब्रिटेन की सांसद तुलिप रिजवाना सिद्दीक को भी दोषी पाया गया है. अदालत ने तुलिप को दोनों मामलों में 2-2 साल की सजा सुनाई. यानी उन्हें कुल 4 साल की जेल होगी.
बेटे रदवान मुजीब और अज़मीना सिद्दीक भी दोषी
इसके अलावा शेख हसीना के बेटे रदवान मुजीब सिद्दीक (बॉबी) और अज़मीना सिद्दीक को भी दोषी ठहराया गया है. दोनों को अलग-अलग मामलों में 7-7 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. यह फैसला ढाका स्पेशल जज कोर्ट-4 के न्यायाधीश रोबियुल आलम ने सुनाया. मामला राजधानी ढाका में स्थित पुर्बाचल न्यू टाउन परियोजना के तहत 20-काठा और 10-काठा के प्लॉट के आवंटन में सत्ता के दुरुपयोग और अनियमितताओं से जुड़ा था. इस मामले की जांच एंटी करप्शन कमीशन ने की थी.
18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
आयोग ने 13 जनवरी 2025 को पहली बार केस दर्ज किया था और जांच के बाद 10 मार्च 2025 को 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. अदालत में कुल 31 गवाहों की गवाही दर्ज की गई।जनवरी 2025 में गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने 2 फरवरी को फैसले की तारीख तय की थी. इससे पहले 31 जुलाई 2025 को आरोप तय कर ट्रायल शुरू किया गया था. जुलाई 2024 में बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद हालात बिगड़ गए थे. जिसके चलते 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना भारत चली गई थीं. इसके बाद देश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी.
अनुपस्थिति में मौत की सजा
बांग्लोदश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने बीते साल नवंबर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगी, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को छात्र विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी. हसीना पिछले साल 5 अगस्त को बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत में रह रही हैं.
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