लखीमपुर खीरीः दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत मझगई रेंज में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बनी बाघिन को आखिरकार वन विभाग की टीम ने मंगलवार को ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया. पिछले सात दिनों से लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद वन विभाग को यह बड़ी सफलता हाथ लगी. बाघिन के पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली हैं.
कई मवेशियों को शिकार बना चुकी थी बाघिन
जानकारी के मुताबिक, बाघिन ने हाल के दिनों में पशु बाड़ों में घुसकर कई मवेशियों को अपना शिकार बनाया था. इसके अलावा उस पर कई ग्रामीणों की जान लेने के भी आरोप थे, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था. बाघिन के भयवश ग्रामीणों ने खेतों में जाना और घरों से निकलना तक कम कर दिया था.
बाघिन की गतिविधियों पर नजर रख रही थी वन विभाग
वन विभाग की टीम लगातार बाघिन की गतिविधियों पर नजर रख रही थी. मंगलवार को रामपुर गांव के बाहर बाघिन की लोकेशन मिलने के बाद विशेषज्ञों की टीम ने उसे ट्रेंकुलाइज किया और सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में ले लिया.।ऑपरेशन में वन विभाग के अधिकारियों, वनकर्मियों एवं विशेषज्ञों की टीम शामिल रही.
बाघिन के पकड़े जाने की खबर मिलते ही आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली. ग्रामीणों ने वन विभाग के इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अब क्षेत्र में भय का माहौल समाप्त होगा और लोग सामान्य जीवन जी सकेंगे.

उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया
उपनिदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व (बफर जोन) कीर्ति चौधरी ने बताया कि पिछले सात दिनों से वन विभाग की टीम लगातार बाघिन की निगरानी और तलाश में जुटी हुई थी. मंगलवार को रामपुर गांव के बाहर सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर उसे पकड़ लिया गया. पूरी कार्रवाई विशेषज्ञों की निगरानी में की गई है. बाघिन को आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण के बाद वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा.
(रिपोर्ट,हर्ष गुप्ता)

