Lucknow News: यूपी की राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने हाउस टैक्स बकाया के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. कई सरकारी और इंस्टीट्यूशनल बिल्डिंग्स को सील कर दिया. यह कार्रवाई लंबे समय से टैक्स न चुकाने के कारण की गई. अधिकारियों के अनुसार, कई नोटिस के बावजूद बकाया रकम का पेमेंट नहीं किया गया, जिससे यह कार्रवाई करनी पड़ी.
दरअसल, नगर निगम की टीम ने गोमतीनगर में उर्दू टीचिंग एंड रिसर्च सेंटर, ट्रांसमिशन बिल्डिंग और उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (UPSIDC) की बिल्डिंग को सील कर दिया. इन सभी इंस्टीट्यूशन्स पर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक का हाउस टैक्स बकाया था. जोनल ऑफिसर शिल्पा कुमारी ने बताया कि उर्दू टीचिंग एंड रिसर्च सेंटर पर कुल 1 कोरड़ 23 लाख 93 हजार 473.92 पैसा का हाउस टैक्स बकाया था. ट्रांसमिशन बिल्डिंग पर 2 लाख 22 हजार 501 का हाउस टैक्स बकाया था. इसके अलावा, UPSIDC बिल्डिंग पर 5,273.41 का टैक्स बकाया था.
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इन संस्थानों को कई बार नोटिस जारी की गई और बकाया टैक्स भरने का समय दिया गया. इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया. बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब टैक्स नहीं भरा गया, तो नगर निगम ने बिल्डिंग्स को सील करने की कार्रवाई की. इस अभियान के दौरान नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कीं और संबंधित बिल्डिंग्स को सील कर दिया. टैक्स सुपरिटेंडेंट बनारसी दास और रेवेन्यू इंस्पेक्टर अजय वर्मा ने अपनी टीमों के साथ कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई.
इस अभियान के तहत नगर निगम की टीम ने वार्ड राजा बाजार के मोहल्ला जनता नगरी में स्थित बिल्डिंग नंबर 195/GB पर भी कार्रवाई की. वहां स्थित यूपी शिक्षा निदेशक, सेकेंडरी एजुकेशन से जुड़े एक संस्थान पर कुल 46 लाख 81 हजार 970 का हाउस टैक्स बकाया था. लंबे समय तक पेमेंट न करने पर नगर निगम मौके पर पहुंचा और इस संस्थान को भी सील कर दिया. नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर में लगातार हाउस टैक्स वसूली अभियान चलाया जा रहा है. जिन संस्थानों और बिल्डिंग मालिकों पर ज्यादा पैसा बकाया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कार्रवाई से बचने के लिए समय पर चुकाए हाउस टैक्स
प्रशासन ने यह भी साफ किया कि अगर बकाया टैक्स जल्दी नहीं चुकाया गया, तो और बिल्डिंग सील की जा सकती हैं. नगर निगम ने सभी संस्थानों और बिल्डिंग मालिकों से अपील की है कि वे ऐसी कार्रवाई से बचने के लिए समय पर अपना हाउस टैक्स चुकाएं. अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मकसद रेवेन्यू कलेक्शन बढ़ाना और शहर में नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है.