पहले गोली मारी, फिर शव के टुकड़े किए… लखनऊ में बेटे ने पिता की कैसे की हत्या? पुलिस ने सीन किया रीक्रिएट

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Lucknow Ashiyana Murder Case: आशियाना के सेक्टर-एल में पिता की गोली मारकर हत्या करने, उनके हाथ-पैर काटकर जंगल में फेंकने और धड़ को नीले ड्रम में छिपाने के सनसनीखेज मामले में मंगलवार को पुलिस आरोपित बेटे अक्षत को घटनास्थल पर लेकर पहुंची और पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) किया. इस दौरान पुलिस टीम ने घर के अंदर और आसपास गहन जांच करते हुए कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए. घटना को लेकर पूरे दिन सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें चलती रहीं.

पुलिस सिर्फ अक्षत की भूमिका ही नहीं, बल्कि अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है. यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात उसने अकेले अंजाम दी या इसके पीछे किसी और की भी साजिश शामिल है. मंगलवार को मृतक मानवेंद्र के शव का डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम भी कराया गया, जिससे घटना के संबंध में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है.

पिता की गोली मारकर की हत्या

20 फरवरी को सेक्टर-एल निवासी 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने उनके बेटे अक्षत को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वारदात के बाद उसने शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से पिता के हाथ-पैर काटकर पारा क्षेत्र के जंगल में फेंक दिए, जबकि धड़ को घर के भूतल पर एक नीले ड्रम में छिपा दिया.

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ड्रम में रजाई और अन्य कपड़े भी भर दिए

ड्रम में रजाई और अन्य कपड़े भी भर दिए. पिता के तीनों मोबाइल फोन बंद कर मुहल्ले में उनके लापता होने और आत्महत्या करने की अफवाह फैला दी. 23 फरवरी की सुबह खुद ही आशियाना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. छानबीन शुरू हुई तो पूरा मामला खुला. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में अक्षत ने घटना करने की बात स्वीकार की है. अक्षत ने बयान दिया है कि पिता प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दबाव बनाते थे और पढ़ाई में उसका मन नहीं लगता था.

बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर उसने अपने पिता की हत्या कर दी. पड़ोसियों के अनुसार, करीब चार महीने पहले मानवेंद्र के घर में चोरी की घटना भी हुई थी. उस समय परिवार ने नौकरानी पर शक जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में पता चला कि इस घटना में अक्षत की ही भूमिका थी, जिसके बाद शिकायत वापस ले ली गई. सहायक पुलिस आयुक्त (कैंट) अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि आरोपित से पूछताछ में घटना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और उसने अपराध करना स्वीकार भी किया है. पुलिस फिलहाल कई पहलुओं पर जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

घर के अंदर ले गया कार, पर नहीं रख सका शव

अक्षत ने बताया कि उसने हत्या की, फिर शव ठिकाने लगाने के इरादे से खींचकर तीसरी मंजिल से लेकर नीचे लाया. शव भारी था, इसी वजह से उठाकर वह बाहर नहीं ले जा पाया. घर के अंदर तक अपनी कार ले गया, लेकिन शव कार में नहीं रख सका. इसके बाद ड्रम लेकर आया और आरी से कमरे के अंदर मृत पिता के हाथ-पैर काट दिए. बचे हिस्से को पॉलीथीन में रखकर ड्रम में भरा था.

33 मिनट तक छानबीन करती रही टीम

मंगलवार दोपहर आशियाना पुलिस आरोपित अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची, जहां उस समय उसकी दादी, बाबा और अन्य परिजन मौजूद थे. इसके बाद पुलिस टीम उसे साथ लेकर तीसरी मंजिल पर गई, जहां घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई.

अक्षत ने बताया कि पहले पिता ने विवाद किया और खुद बेड में गद्दे के नीचे रखी रायफल निकाली थी. उन्होंने रायफल नीचे रखी तो अक्षत ने उठाकर उन्हें गोली मार दी.

पूछताछ में उसने बताया कि शव जलाने के इरादे से 40 लीटर तारपीन का तेल लेकर आया था, लेकिन वह पहले ही पकड़ा गया. अक्षत के बाबा सुरेंद्र पाल सिंह राजावत पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं. चाचा एसएस राजावत भी पुलिस में हैं. अक्षत के दादा-दादी जालौन के सदर कोतवाली स्थित उदयपुरा के रहने वाले हैं.

पड़ोसी बोले, सबकी मदद करते थे मानवेंद्र

घटना के बाद मानवेंद्र के घर पर लोगों की भीड़ लगी रही. पड़ोसी सुरेंद्र श्रीवास्तव, अल्पना सिंह समेत अन्य लोगों ने बताया कि मानवेंद्र स्वभाव से बेहद सहयोगी थे और मुहल्ले में हर जरूरतमंद की मदद करते थे. जरूरत पड़ने पर वे आर्थिक सहायता देने के साथ लोगों के इलाज की व्यवस्था भी कराते थे.

वे धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे तथा रामलीला का आयोजन करवाते थे. बताया गया कि उनका बेटा अक्षत भी रामलीला में रावण की भूमिका निभाता था.

मामले में उठ रहे अहम सवाल

  • घर की छत पर वाई-फाई टावर लगा होने के बावजूद मकान में सीसीटीवी कैमरा न होना कई सवाल खड़े कर रहा है.
  • पूरी घटना के दौरान बेटी की मौजूदगी और उसकी संभावित भूमिका अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिस पर पुलिस भी खुलकर कुछ नहीं कह रही है.
  • पड़ोसियों का दावा है कि वर्ष 2017 में मानवेंद्र की पत्नी ने जहर खाकर आत्महत्या की थी, हालांकि परिवार ने इसे सामान्य मौत बताया था.
  • तड़के गोली चलने की बात सामने आई, लेकिन आसपास के किसी भी पड़ोसी ने गोली की आवाज सुनने की पुष्टि नहीं की.
  • मानवेंद्र का शरीर भारी बताया जा रहा है, ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि हत्या के बाद अक्षत अकेले शव को तीसरी मंजिल से नीचे कैसे ले आया.

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