Ajit Pawar Plane Crash: प्लेन हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर सीएम देवेंद्र फडणवीस का पहला बयान सामने आया है. सीएम फडणवीस ने कहा, “मेरा दमदार और दिलदार मित्र चला गया. अजित पवार का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. ये महाराष्ट्र के लिए मुश्किल दिन है.”

CM फडणवीस ने और क्या कहा?
सीएम फडणवीस ने कहा, “अजित के जाने से पवार परिवार पर बड़ा आघात लगा है. मैंने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को घटना की जानकारी दी है. अजित पवार का महाराष्ट्र के विकास में अहम योगदान रहा है. वह संघर्ष करने वाले नेता थे. अजित के निधन की वजह से महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है.”
मेरा दिल सुन्न हो गया: फडणवीस
सीएम फडणवीस ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा, “दादा चले गए! एक जमीन से जुड़े नेता, मेरे दोस्त और साथी, डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर अजित दादा पवार की प्लेन क्रैश में मौत बहुत दिल दहला देने वाली है. यह दिल तोड़ने वाला है. मेरा दिल सुन्न हो गया है. अपनी फीलिंग्स बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं.”
उन्होंने कहा, “मैंने अपना मज़बूत और अच्छा दोस्त खो दिया है. यह मेरे लिए पर्सनल लॉस है. यह एक ऐसा लॉस है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती. आज महाराष्ट्र के लिए बहुत मुश्किल दिन है. मैं दादा को दिल से श्रद्धांजलि देता हूं. हम उनके पूरे परिवार और NCP परिवार के दुख में शामिल हैं. इस एक्सीडेंट में 4 और लोगों की मौत हो गई. हम उनके परिवारों के दुख में भी शामिल हैं.”
सीएम फडणवीस ने कहा, “मैंने अपने सारे प्रोग्राम कैंसिल कर दिए हैं. मैं थोड़ी देर में बारामती के लिए निकल रहा हूं.”
दादा गेले!
जमिनीशी घट्ट नाळ असलेले जननेते, माझे मित्र आणि सहकारी, उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार यांचा विमान अपघातात मृत्यू झाल्याची घटना मनाला अत्यंत व्यथित करणारी आहे. मनाला चटका लावणारी आहे. मन सुन्न झाले आहे. भावना व्यक्त करण्यासाठी माझ्याकडे शब्द नाहीत.
माझा दमदार आणि दिलदार…— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) January 28, 2026
डिप्टी CM एकनाथ शिंदे का बयान आया सामने
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, “महाराष्ट्र के लिए आज एक काला दिन है और ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इस घटना ने सभी के दिल को दुखाया है. हमारे सहयोगी अजित दादा पवार की प्लेन क्रैश में मौत हुई है. ये हमारे लिए और महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद है. ये उनके परिवार के लिए बहुत ही दुखद है. अजित दादा एक स्पष्ट वक्ता के रूप में जाने जाते थे. वो ऐसे शब्द किसी के काम के लिए नहीं बोलते थे कि “देखता हूं” या “करता हूं.” जो होने वाला काम होता है, उसके लिए तुरंत हां कहते थे और जो नहीं होने वाला काम होता था, उसके लिए फौरन ना करते थे. वो कड़े शब्दों का प्रयोग करते थे, लेकिन मन के बहुत अच्छे थे. इसका अनुभव मैंने लिया है. जब मैं सीएम था, तब उन्होंने डिप्टी सीएम के रूप में काम किया. हम दोनों ने टीम बनकर काम किया. हम लोग महाराष्ट्र को आगे बढ़ा रहे थे.”