मुर्दों के नाम पर भी उठा ली सब्सिडी! PM Surya Ghar Yojana में बड़ा खेल, बरेली में वेंडर पर FIR

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Highlights

  • प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में सरकारी सब्सिडी के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है.
  • यूपीनेडा की जांच में एक वेंडर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सब्सिडी हड़पने का आरोप लगा है.
  • जांच में 9 लाभार्थियों में से 8 मामले फर्जी पाए गए, जबकि केवल एक जगह सोलर सिस्टम लगा मिला.
  • कई लोगों के नाम पर बिना आवेदन और बिना सोलर पैनल लगाए ही सब्सिडी निकालने का आरोप है.
  • पुलिस ने आरोपी वेंडर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

PM Surya Ghar Yojana Fraud: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी में कथित फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है. जांच में आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत और जीवित लोगों को योजना का लाभार्थी दिखाया गया और उनके नाम पर सरकारी सब्सिडी की राशि निकाल ली गई. मामले का खुलासा यूपीनेडा (UPNEDA) की जांच के बाद हुआ, जिसके आधार पर आरोपी वेंडर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है.

यूपीनेडा की जांच में सामने आया मामला

यूपीनेडा के वरिष्ठ लिपिक रघुवर दयाल ने कैंट थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि सचिव एवं मुख्य परियोजना अधिकारी के निर्देश पर सनराइज एंटरप्राइजेज की जांच कराई गई. जांच के दौरान फर्म के प्रोपराइटर आशु गुप्ता की भूमिका संदिग्ध पाई गई. शिकायत के मुताबिक, फर्म पर आरोप है कि उसने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर मृत और जीवित व्यक्तियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभार्थी दिखाया और केंद्रांश की सब्सिडी राशि का कथित रूप से दुरुपयोग किया.

9 मामलों की जांच, 8 निकले फर्जी

जांच रिपोर्ट के अनुसार, फर्म की ओर से तैयार किए गए 29 रूफटॉप सोलर आवेदनों में से नौ मामलों की जांच की गई. इनमें आठ मामले फर्जी पाए गए, जबकि केवल एक स्थान पर ही सोलर सिस्टम वास्तव में स्थापित मिला. जांच के दौरान कई ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए जिन्होंने न तो कभी योजना के लिए आवेदन किया था और न ही उनके घरों पर सोलर पैनल लगाए गए थे. इसके बावजूद उनके नाम पर सरकारी सब्सिडी जारी होने का आरोप लगाया गया है.

फर्जी मोबाइल नंबर और दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वेंडर ने फर्जी मोबाइल नंबर, कूटरचित प्रपत्र और चेक में कथित हेरफेर कर सब्सिडी की राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई. मामले में बैंक कर्मियों की संभावित संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है, जिसकी जांच की जा रही है.

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

यूपीनेडा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी आशु गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी आरोपों की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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