पंजाब: नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर लाया गया मानसा, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा हुजूम

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Punjab Crime: पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले चर्चित कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर मानसा स्थित उनके पैतृक आवास पर लाया गया. पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. उनके अंतिम दर्शन के लिए समर्थकों, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों हुजूम उमड़ पड़ा.

घर के बाहर भारी संख्या में जुटे लोग, दी श्रद्धांजलि

पार्थिव शरीर के मानसा पहुंचते ही माहौल अत्यंत गमगीन हो गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं मौके पर मौजूद युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परविंदर सिंह झोटा के संघर्ष को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मुस्तैद रहा, ताकि शआंति व्यवस्था बनी रहे.

झोटा ने नशे के खिलाफ छेड़ी थी व्यापक मुहिम

परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में मेडिकल और सिंथेटिक नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सक्रिय रहे थे. उन्होंने युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और कथित नशा तस्करों व अवैध मेडिकल स्टोर संचालकों को बेनकाब करने के लिए एक जमीनी अभियान चलाया था. इस मुहिम के चलते वे पूरे मालवा क्षेत्र के युवाओं और सामाजिक हलकों में काफी चर्चित हो गए थे.

स्थानीय सामाजिक संगठनों, किसान यूनियनों और जन-अधिकार कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. आवास पर पहुंचे लोगों का कहना है कि झोटा ने अपनी जान की परवाह किए बिना पंजाब की जवानी को बचाने के लिए आवाज उठाई थी.

मालूम हो कि नशा का विरोध करने पर बीते दिनों एक मेडिकल संचालन द्वारा चलाई गई गोली से झोटा की मौत हो गई थी. कई दिनों बाद उनके शव का पोस्टमार्टम किया गया. इसके बाद उनका शव उनके पैतृक आवास लाया गया.

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