Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग धमने का नाम नहीं ले रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि 19 अक्टूबर की रात खार्किव क्षेत्र में रूस ने भीषण ड्रोन हमला किया. इस हमले में बच्चों सहित 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हो गए. घायलों में 6 बच्चे भी शामिल हैं. जेलेंस्की ने हमले पर दुख जताते हुए रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने की अपील की है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जेलेंस्की ने हमले की जानकारी साझा की
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जेलेंस्की ने हमले की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि रूस का एक शाहेद ड्रोन कैफे के पास बने पार्क में मौजूद लोगों पर गिरा. उस समय वहां आम नागरिक मौजूद थे. जेलेंस्की ने इस घटना को बेहद क्रूर बताते हुए कहा कि हमले में मासूम बच्चों की भी जान चली गई.
एक वर्ष की बच्ची और उसकी मां की गई जान
जेलेंस्की के अनुसार, मृतकों में एंजेलिना नाम की एक छोटी बच्ची भी शामिल थी. वह अपनी स्ट्रोलर यानी बच्चों की गाड़ी में थी, तभी हमले की जद में आ गई. बच्ची का जन्म अगस्त 2025 में हुआ था. उसकी मां इन्ना को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. हमले में 11 साल की एक अन्य बच्ची की भी मौत हुई है. जेलेंस्की ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा…
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि हमले की तस्वीरें युद्ध की भयावहता और आम लोगों की तकलीफ को दिखाती हैं. उनके अनुसार, लोगों की जान बचाना सबसे जरूरी है और इसके लिए यूक्रेन को मजबूत हवाई रक्षा प्रणाली की आवश्यकता है, ताकि ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोका जा सके. उन्होंने यूक्रेन की मदद करने वाले देशों का आभार भी जताया. जेलेंस्की ने कहा कि जब तक रूस हमले जारी रखता है, तब तक उसके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों में ढील नहीं दी जानी चाहिए.
जेलेंस्की ने अमेरिका से सीनेटर लिंडसे ग्राहम के प्रस्तावित कानून को लागू करने की अपील की. इस कानून के जरिए रूस पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यूरोपीय देशों से भी यूक्रेन को लगातार समर्थन देने का अनुरोध किया. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन शांति चाहता है, लेकिन युद्ध जारी रहने से लोगों की जान जा रही है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस पर दबाव बढ़ाने और युद्ध रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.