Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या में मुख्य आरोपित लिव इन पार्टनर श्रद्धा दुबे को कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट में आरोपित श्रद्धा दुबे की जमानत अर्जी खारिज हो गई है.
कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या में लखनऊ जेल में बंद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की ओर से सीजेएम की कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी. CJM के शुक्रवार को मौजूद न रहने पर प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने सुनवाई के बाद तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि जमानत का कोई आधार नहीं है और अपराध काफी गंभीर है. अब तीनों को ऊपरी अदालत में अपील करनी पड़ेगी.
कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को पुलिस ने पूछताछ के बाद तीनों आरोपितों को जेल में दाखिल करा दिया था. शुक्रवार की सुबह तीनों ने अधिवक्ता के जरिए सीजेएम कोर्ट लखनऊ में जमानत अर्जी लगाई. प्रभारी सीजेएम आलोक वर्मा ने जमानत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है. इसका ट्रायल सेशन कोर्ट में होना है. ऐसे में जमानत देने का उचित आधार नहीं बनता है. अब तीनों सत्र न्यायालय में अपील करेंगे.
क्या है शिवा शर्मा मौत मामला?
मालूम हो कि लखनऊ के हजरतगंज इलाके में प्राग नारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को मौत हो गई थी. घटना के बाद शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन शिवा के परिवार ने हत्या का आरोप लगाया. उनकी मां रंजना शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया.
परिवार ने आरोप लगाया था कि शिवा के साथ मारपीट की गई और उन्हें अपार्टमेंट से नीचे फेंका गया. हालांकि, मामले में आरोपों की जांच जारी है और अदालत में अभी आरोप साबित नहीं हुए हैं.
इस मामले में पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश में जुटी थी. बाद में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नागपुर में कार्रवाई करते हुए श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया था. ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाए जाने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. अब सीजेएम कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद तीनों को राहत के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी.

