Sri Ganganagar Court Bomb Threat: श्रीगंगानगर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद बुधवार को वहां हड़कंप मच गया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डाक से भेजे गए एक गुमनाम पत्र के जरिए यह धमकी दी गई थी. बताया जा रहा है कि यह पत्र कोलकाता के एक फर्जी पते से भेजा गया था, जिसमें कोर्ट परिसर में बम विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी.
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई
धमकी की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आ गए. बुधवार सुबह बीकानेर से बम निरोधक दस्ता श्रीगंगानगर कोर्ट पहुंचा. इसके साथ ही पूरे कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. इसके बाद डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक टीम ने कोर्ट परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली. तलाशी अभियान के दौरान ब्लॉक सी और डी में बने वकीलों के चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के कार्यालय और कोर्ट रूम सहित पूरे परिसर की बारीकी से जांच की गई. सुरक्षा एजेंसियों ने सभी जगहों की गहनता से जांच की.
कोर्ट की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई Sri Ganganagar Court Bomb Threat
पूरी जांच के बाद जब बम निरोधक दस्ते ने परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया, तब जाकर कोर्ट की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई. अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह धमकी भरा पत्र किसने और क्यों भेजा. साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों ने धमकी भरा पत्र भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है. साइबर सेल और डाक विभाग भी इस मामले में सहयोग कर रहे हैं. दोनों विभाग कोलकाता के जिस पते से यह पत्र भेजा गया है, उसकी सच्चाई और भेजने वाले तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. कोर्ट परिसर में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. सुरक्षा चौकियों पर भी जांच सख्त कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी खतरे की आशंका होने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
10 मार्च को भी मिली थी धमकी
अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की धमकी मिली हो. इससे पहले 10 मार्च को सुबह 11:30 बजे श्रीगंगानगर स्थित पासपोर्ट कार्यालय को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. यह कार्यालय डाकघर परिसर के अंदर स्थित है. उस समय भी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की थी. बीकानेर से बम निरोधक दस्ता बुलाया गया था, जिसने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली थी. हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी. जांच पूरी होने और स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद पासपोर्ट कार्यालय ने अगले ही दिन से अपना कामकाज फिर से शुरू कर दिया था. फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों मामलों को ध्यान में रखते हुए सतर्क हैं और आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.