Ukrainian Drone Attack Black Sea: रूस और यूक्रेन का तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. रूस के ब्लैक सी तट पर मंगलवार को यूक्रेनी ड्रोन हमले से लाइबेरियाई ध्वज वाले तेल टैंकर अफ्रामाक्स रियो में आग लग गई. इस टैंकर पर 23 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. रूसी अधिकारियों के मुताबिक, सभी को सुरक्षित बचा लिया गया और किसी को चोट नहीं आई.
रूस के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि टैंकर पर नौसेना ड्रोन से हमला हुआ, जिससे सोची के पास ब्लैक सी में आग लग गई. मंत्रालय के मुताबिक, क्रूड ऑयल खुले समुद्र में जलने लगा. शुरू में आग की तीव्रता के कारण फायरफाइटर्स इसे बुझा नहीं पाए, लेकिन बाद में पर्याप्त संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई.
टैंकर पर पूरा चालक दल भारतीय था. सोची के पास काला धुआं दिख रहा था. सिरीयस संघीय क्षेत्र में समुद्र तट बंद कर दिए गए और हवा व पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है. सिरीयस प्रशासन प्रमुख दिमित्री प्लिश्किन ने कहा कि प्रदूषक स्तर अनुमत सीमा से कई गुना कम है और स्वास्थ्य के लिए कोई खतरा नहीं है.
यह घटना 2022 से चल रहे रूस सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है. दोनों पक्षों ने काला सागर में शिपिंग को निशाना बनाया है.
इससे पहले मंगलवार को मार्शल आइलैंड्स ध्वज वाले एक व्यापारिक जहाज पर रूसी हमले में कम से कम एक चालक दल सदस्य की मौत हो गई और कई घायल हुए. बुल्गारिया तट के पास दो अन्य जहाजों पर भी अज्ञात मूल के ड्रोन हमले हुए, जिन्हें यूक्रेन ने नकारा.
भारत के विदेश मंत्रालय ने पहले भी ब्लैक सी और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की निंदा की है और शिपिंग व नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है.