France Student Protest: यूरोपिय देश फ्रांस में इस समय हाल के इतिहास का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन हो रहा है. स्कूल में बेहतर हालात की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन में मंगलवार सबसे बड़ा दिन साबित हुआ. दरअसल, पूरे फ्रांस में 2.5 लाख से ज्यादा छात्र, टीचर और माता-पिता प्रदर्शन कर रहे थे. वही, पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया. इस दौरान जो बात सबसे खास थी वो ये है कि जब पुलिस छात्रों के आंदोलन को रोकने के लिए लाठीचार्ज कर रही हो और सामने एक नेता खुद ढाल बनकर खड़ा हो गए.
दरअसल, पेरिस के बाहर तनावपूर्ण हालात के बीच, सेंट-डेनिस के मेयर बैली बागायोको पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों की कतार के बीच खुद आकर खड़े हो गए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहीं. इन तस्वीरों में मेयर बागायोको को पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच सीधे खड़े देखा जा सकता है. मेयर पुलिस को रुकने के लिए बोलते रहे. मेयर बैली ने ऐसा इसलिए किया कि जब पुलिस भीड़ को हटाने के लिए आगे बढ़े, तो दोनों पक्षों के बीच कोई शारीरिक टकराव न हो. वहीं, सोशल मीडिया पर लोग इसे साल का सबसे पावरफुल वीडियो बता रहे हैं.
मेयर करना पड़ा आंसू गैस का सामना
हालांकि इस दौरान मेयर बैली बगायोको को भी आंसू गैस का सामना करना पड़ा. ऐसे में छात्र उनके आंखों में आई ड्रॉप डालते दिखे. इस बीच मेयर बैली बागायोको ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि आज मैं पेरिस में जुटे हाई स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ था. मैंने उन युवाओं के खिलाफ फोर्स का बहुत अधिक इस्तेमाल होते देखा, जो बस अपनी बात सुनाना चाहते हैं. मैं गृह मंत्री से अपील करता हूं कि किसी बड़ी दुर्घटना के होने से पहले इन निर्देशों की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए. इसके अलावा, जुटे हुए युवाओं से कहता हूं कि आपकी मांगें सही हैं. खुद को संगठित करते रहें और अपनी आवाज बुलंद करें. लेकिन किसी भी उकसावे में न आएं. एकजुट और अहिंसक बने रहें. अपनी संख्या और अपने दृढ़ संकल्प के दम पर ही आप सरकार को अपनी बात सुनने के लिए मजबूर कर पाएंगे.”
कर्मचारी और माता-पिता ने बनाई मानव श्रृंखला
वहीं, दूसरी तरफ फ्रांस में कर्मचारी और माता-पिता ने भी छात्रों को पुलिसिया कार्रवाई से बचाने के लिए मानव श्रृंखला बना ली. दरअसल, फ्रांस की इमैनुएल मैक्रों की सरकार ने इस आंदोलन पर सख्त कार्रवाई की है. फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कहा कि दो हफ्ते से अधिक समय पहले शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों में 215 छात्र और 85 स्कूल कर्मचारी घायल हुए हैं. उन्होंने इन आंकड़ों को फ्रांस के स्कूल सिस्टम के लिए दशकों में सबसे भारी नुकसान बताया है.