Israel America Joint Attack On Iran: शनिवार को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से इजरायल पर बड़ा हमला किया है. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की हत्या की कोशिश की गई. हालांकि, वे सुरक्षित हैं. इसके साथ ही ईरान के मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस, एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान और पर्चिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स पर भी हमला हुआ है. पहले इजरायल ने घोषणा की कि वह ईरान पर हमला किया है, जिसके कुछ समय बाद अमेरिका ने भी यह पुष्टि कर दी कि वह भी इस हमले में हिस्सा लिया है.
ईरान की राजधानी तेहरान सहित केरमानशाह, लोरेस्टन, तबरीज, इस्फहान और करज में धमाके की आवाजें सुनाई दी हैं. ईरान के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ईरान में अस्पताल हाई अलर्ट पर हैं. ईरान के अधिकारियों ने कहा कि वे जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं. इजरायल ने संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए अपनी हवाई सीमा बंद कर दिया और आपातकाल घोषित कर दिया है.
इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर अमेरिका इजरायल के संयुक्त हमले का मकसद ईरान से आने वाले खतरे को खत्म करना है. ट्रंप ने कहा कि इस हमले का मकसद ईरान की मौजूदा सत्ता से आने वाले खतरे से अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है. ट्रंप ने कहा कि हम ईरान की मिसाइलों और उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को खत्म करने जा रहे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि हम उनकी नेवी को खत्म करने जा रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि हम इस बात को पक्का करेंगे कि ईरान को न्यूक्लियर वेपन प्राप्त न कर पाए. ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा कि ईरान की यह सरकार जल्द ही सीख जाएगी कि किसी को भी अमेरिकी सेना और उनकी ताकत को चुनौती नहीं देनी चाहिए.

