US Floods: वॉशिंगटन में बाढ़ ने मचाई तबाही, हजारों हुए बेघर, छतों पर फंसे लोग, कई शहर कराए गए खाली

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Floods: लगातार कई दिनों तक अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य में हुई तेज बारिश ने तबाही मचा दी है. नदियां रिकॉर्ड स्तर तक भर गई हैं, पुल बह गए हैं और कई घर अपनी नींव से उखड़कर बह गए हैं. हजारों लोग जहां छतों पर फंसे मिले है, वहीं कई शहर पूरी तरह खाली कराए गए हैं. प्रशासन ने इसे ऐतिहासिक बाढ़ करार दिया है.

वॉशिंगटन में आपातकाल लागू

हालात को देखते हुए वॉशिंगटन में आपातकाल लागू कर दिया गया है और करीब 78,000 लोगों को स्कैजिट नदी के आसपास के इलाकों से तत्काल निकाला गया. राज्यपाल बॉब फर्ग्यूसन ने निवासियों से कहा कि यह सामान्य बाढ़ नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है, जो राज्य ने पहले कभी नहीं देखी. कई नदियां अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं, जबकि मौसम विशेषज्ञों ने शुक्रवार तक और ज्यादा बाढ़ का खतरा जताया है.

उफान पर नदियां, घरों के दरवाजे पर पहुंचा पानी

स्नोहोमिश नदी अपने पुराने रिकॉर्ड से करीब एक फीट ऊपर बह रही है, जबकि स्कैजिट नदी भी माउंट वर्नन में रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर पहुंच गई. कंक्रीट टाउन में नदी का पानी घरों के दरवाजे तक जा पहुंचा है, कुछ घरों से मलबा लगातार बहता रहा. कई लोगों ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि पानी इतना ऊंचा उठ सकता है. 2003 की बाढ़ के बाद अब यह इलाका फिर बड़े संकट में आ गया है.

भारी पैमाने पर हुआ नुकसान

पूरे राज्य में पुलों और हाईवे पर पानी भर गया है. कई सड़कें बह गई हैं. स्टेट रूट 410 और इंटरस्टेट-90 के हिस्से बंद कर दिए गए हैं, जहां वाहन पेड़ों, कीचड़ और पानी में फंसे पाए गए. सीमावर्ती शहर सूमास, नूकसैक और एवर्सन में हालत सबसे खराब हैं. सूमास का मेयर ब्रूस बोश ने कहा कि  शहर लगभग तबाह हो गया है. अमेरिका और कनाडा बॉर्डर पार करने का रास्ता बंद कर दिया गया है. साथ ही सिएटल-वैंकूवर अम्ट्रैक ट्रेनें रोक दी गई हैं.

छतों पर फंसे लोगों को निकाला गया हेलीकॉप्टर से

कई परिवार अपने घरों की छतों पर फंसे मिले, जिन्हें हेलीकॉप्टर से निकाला गया. सूमास के कुछ इलाकों में 15 फीट तक पानी भर गया और फायर स्टेशन भी तीन फीट पानी में डूब गया. वेलकम शहर में नदी कटान से दो मकान सीधे नूकसैक नदी में गिर गए. पूर्व सिएटल के स्नोकलमी में हिरणों का झुंड फुटबॉल मैदान में गर्दन तक पानी में तैरता दिखा. कई घरों में लोग पानी निकालने के लिए पंप चलाते नजर आए.

प्रशासन ने दी अगले खतरे की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे तीव्र तूफान और बाढ़ की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर का संकेत हैं. हालांकि, किसी एक घटना को सीधे जलवायु परिवर्तन से जोड़ना वैज्ञानिक दृष्टि से कठिन है, लेकिन भारी बारिश और चरम मौसम लगातार बढ़ रहे हैं. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि रविवार से एक और नया तूफानी सिस्टम राज्य में प्रवेश करेगा, जो और भारी बारिश लाएगा.

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