अमेरिकाः कोलोराडो में पहाड़ पर हाइक के दौरान लापता हुए दो छात्रों का मिला शव

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Hiking Accident: अमेरिका के कोलोराडो में हाइकिंग ट्रिप के दौरान जान गंवाने वाले कोलोराडो के दो कॉलेज छात्रों के शव गुरुवार को हेलीकॉप्टर की मदद से बरामद किए गए. पुलिस ने बताया कि तेज हवाओं के कारण शवों को नीचे लाने के प्रयासों में देरी हुई.

बताया गया कि 19 वर्षीय काडेन मात्सुदा और 20 वर्षीय जैक्सन डॉनलोन बुधवार को वेस्ट एपोस्टल माउंटेन के बर्फ से ढके एक हिस्से में मिले. शैफी काउंटी शेरिफ कार्यालय के मुताबिक, अगले दिन दोपहर करीब 1 बजे ग्राउंड क्रू (जमीनी बचाव दल) ने उनके शवों को वहां से निकाला.

आइस माउंटेन की यात्रा के दौरान हुए थे लापता

मात्सुदा और डॉनलोन पिछले शुक्रवार को कोलोराडो माउंटेन कॉलेज के लीडविले कैंपस से निकले थे. वे ‘आइस माउंटेन’ (4,254 मीटर ऊंची चोटी) की यात्रा पर जा रहे थे, लेकिन इसी दौरान वे लापता हो गए थे. शैफी काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार, जब उन्होंने हाइकिंग शुरू की तब बारिश हो रही थी. शनिवार सुबह मौसम कुछ देर के लिए साफ हुआ, लेकिन दोपहर में एक भीषण तूफान आ गया, जिससे वहां 2 फुट (0.6 मीटर) तक बर्फ जमा हो गई.

कॉलेज कर्मियों ने दी लापता होने की सूचना

उनके रविवार तक वापस आने की उम्मीद थी, लेकिन सोमवार सुबह कॉलेज के कर्मचारियों ने उनके लापता होने की सूचना दी. आखिरकार, एस्पेन से लगभग 100 मील (160 किलोमीटर) दक्षिण-पूर्व में, वेस्ट एपोस्टल माउंटेन के एक बेसिन में उनके शव मिले. शवों को मृत्यु की जांच करने वाले अधिकारी के कार्यालय ले जाया गया, जहां सोमवार को उनका पोस्टमार्टम होगा.

भविष्य बनाने की आस में आए थे दोनों

एक बयान में कॉलेज के कैंपस डीन, बेन केर्न्स ने कहा कि वे छात्र यहां सीखने, नई चीजें खोजने और अपना भविष्य बनाने आए थे. उनकी जिंदगी में बहुत संभावनाएं थीं. जो छात्र, शिक्षक और कर्मचारी उन्हें जानते हैं, वे उनके जाने से गहरे दुख में हैं. कोलोराडो माउंटेन कॉलेज, जिसके कैंपस पूरे कोलोराडो रॉकीज क्षेत्र में फैले हुए हैं, अपने उन प्रोग्राम्स के लिए जाना जाता है, जो राज्य की मजबूत आउटडोर मनोरंजन अर्थव्यवस्था पर केंद्रित हैं. इनमें पर्वतारोहण, स्की पेट्रोल और गाइडिंग जैसे करियर शामिल हैं.

कॉलेज के एक बयान के मुताबिक

कॉलेज के एक बयान के मुताबिक, मात्सुदा ‘वाइल्डलैंड फायरफाइटर’ (जंगलों में लगने वाली आग बुझाने वाले) बनने की पढ़ाई कर रहे थे. उनके सहपाठियों और शिक्षकों ने उन्हें दयालु, बुद्धिमान और मिलनसार बताया. डॉनलोन, जिन्हें पहाड़ों पर चढ़ने (क्लाइम्बिंग) और स्कीइंग का बहुत शौक था, ‘आउटडोर रिक्रिएशन लीडरशिप’ की पढ़ाई कर रहे थे. वे पहाड़ों के प्रति अपने इसी लगाव के कारण कोलोराडो आए थे.

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