वाराणसीः यूपी के वाराणसी से मुठभेड़ की खबर सामने आई है. मंगलवार की देर रात पुलिस व एसटीएफ की शातिर बदमाश से मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में पुलिस ने एक शातिर इनामी बदमाश को ढेर कर दिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया. मृतक की पहचान बनारसी यादव के रूप में हुई.
पांच माह से बनारसी की तलाश में जुटी थी पुलिस
पुलिस के अनुसार, कालोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या करने वाला बदमाश बनारसी यादव की तलाश में पुलिस व एसटीफ पिछले पांच माह से जुटी थी. उस पर एक लाख रुपये का इनाम था.
सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
एसटीएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह के मुताबिक, मंगवार की देर रात उन्हें सूचना मिली कि किसी घटना को अंजाम देने के लिए दो बदमाश बाइक से चौबेपुर थाना क्षेत्र के जाल्हूपुर रिंग रोड की तरफ जा रहे हैं. इस पर एसटीएफ ने क्षेत्र में घेरेबंदी कर ली.
रोकने पर बदमाश ने पुलिस पर चलाई गोली
इसी दौरान बाइक से आ रहे दो युवकों को एसटीएफ ने रोकने की कोशिश की तो उसमें से एक ने गोली चला दी. जवाबी फायरिंग में एसटीएफ की गोली एक बदमाश को लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा. मौका पाकर उसका साथी बाइक लेकर फरार हो गया.

घायल बदमाश को तत्काल पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बदमाश की पहचान गाजीपुर के गौरहट निवासी बनारसी यादव के रूप में हुई. कालोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मामले में उसकी तलाश थी.
पुलिस ने बताया कि हत्याकांड में बनारसी का साथ देने वाले सेना के जवान एक लाख रुपये के इनामी बदमाश गाजीपुर के महाराजगंज निवासी अरविंद यादव को एक महीने पहले पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था.
सारनाथ इलाके में हुई थी कालोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या
21 अगस्त को सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर-अरिहंत नगर कालोनी में सुबह करीब नौ बजे कालोनाइजर महेंद्र गौतम की बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. एक बदमाश बाइक चला रहा था, जबकि पीछे बैठे दो बदमाश गोलियां चला रहे थे. सनसनीखेज मामले में सात दिन बाद 27 अगस्त को पुलिस ने 28 फोन काल्स के जरिए क्लू खोजा और चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था.
इसमें हत्या की साजिश रचने वाला गाजीपुर का कालोनाइजर जोगेंद्र यादव निकला, जिसने दो शूटरों, गाजीपुर के अरविंद यादव, बनारसी यादव व एक अन्य बदमाश विशाल के जरिए वारदात को अंजाम दिलवाया था. विशाल बाइक चला रहा था, जबकि अरविंद व बनारसी गोली चला रहे थे. विशाल अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है. हत्यारों की भागने में मदद करने वाले चंदन के तलाश में भी पुलिस जुटी हैं.

