Venezuela: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ने सैन्य ऑपरेशन की मदद से गिरफ्तार कर लिया है. मालूम हो कि वेनेजुएला और अमेरिका के बीच बीते कई महीनों से तनाव जारी था. हाल ही में राष्ट्रपति मादुरो के आदेश के बाद वेनेजुएला में बड़ी सैन्य तैनाती की गई थी. हालांकि, इसके बावजूद अमेरिकी सैनिकों ने आसानी से वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया और अमेरिका भी ले आए. अब इस पूरे मामले को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला में अमेरिकी ऑपरेशन में बड़ी संख्या में क्यूबा के अधिकारी मारे गए हैं.
मारे गए क्यूबा के 32 अधिकारी
रविवार को क्यूबा की सरकार ने पुष्टि करते हुए जानकारी दी है कि वेनेजुएला में अमेरिकी के सैन्य ऑपरेशन में क्यूबा के 32 अधिकारी मारे गए हैं. क्यूबा के सरकारी टीवी पर जारी किए गए बयान में बताया गया है कि वेनेजुएला सरकार के अनुरोध पर चलाए जा रहे एक मिशन पर क्यूबा के मिलिट्री और पुलिस अधिकारी वेनेजुएला में तैनात थे. आपको बता दें कि क्यूबा वेनेजुएला सरकार का करीबी सहयोगी है और वर्षों से वहां ऑपरेशन्स में मदद के लिए मिलिट्री और पुलिस बल भेजता रहा है.
जाने क्या बोली क्यूबा की सरकार
क्यूबा की सरकार ने वेनेजुएला में मारे गए अधिकारियों के लिए दो दिन के शोक की घोषणा की है. सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया, “सुरक्षा और रक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति वफादार रहते हुए, हमारे देशवासियों ने गरिमा और वीरता के साथ अपना कर्तव्य निभाया और हमलावरों के खिलाफ सीधी लड़ाई में या सुविधाओं पर बमबारी के परिणामस्वरूप भीषण प्रतिरोध के बाद शहीद हो गए.”
हमारी तरफ कोई मौत नहीं हुई: ट्रंप
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वेनेजुएला में क्यूबा के लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी. ट्रंप ने कहा था, “आप जानते हैं, कल बहुत सारे क्यूबा के लोग मारे गए. दूसरी तरफ बहुत मौतें हुईं. हमारी तरफ कोई मौत नहीं हुई.” ट्रंप ने सोमवार को कहा, “यह बहुत खतरनाक ऑपरेशन था. हमारे कुछ लोग घायल हुए, लेकिन अभी सभी ठीक हैं. एक हेलीकॉप्टर को काफी नुकसान हुआ, लेकिन हम सब कुछ वापस ले आए, और कोई मारा नहीं गया.”