Houthi rebels: हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थक बलों के बीच यमन में लड़ाई तेज हो गई है. सोमवार को दक्षिणी यमन के एक सैन्य शिविर पर हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. इस हमले कई सैनिकों जान चली गई, जबकि दो दर्जन से अधिक जवान घायल हुए हैं. यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में महीनों से जारी संघर्ष ने फिर गंभीर रूप ले लिया है.
यमनी सेना के दो अधिकारियों के अनुसार, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी प्रांत शबवा में स्थित अल-अलम सैन्य शिविर को निशाना बनाया. विद्रोहियों ने शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इस हमले में कम से कम 20 सैनिक मारे गए और दो दर्जन से अधिक जवान घायल हो गए. अधिकारियों ने अपनी पहचान जाहिर नहीं की, क्योंकि उन्हें मीडिया को जानकारी देने की अनुमति नहीं थी. यह हाल के महीनों में हुई सबसे घातक घटनाओं में से एक है.
यमन में फिर क्यों तेज हो गई है लड़ाई?
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकार के बलों के बीच तनाव पिछले कई महीनों से बढ़ रहा है. इस संघर्ष में तेजी आने की एक बड़ी वजह क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा व्यापक तनाव भी बताया गया है. दोनों पक्षों के बीच बढ़ती लड़ाई ने वर्ष 2022 में हुए संघर्षविराम समझौते को कमजोर कर दिया है. इस समझौते के बाद यमन के गृहयुद्ध में बड़े पैमाने पर होने वाली लड़ाई काफी हद तक रुक गई थी. अब नए हमलों ने हालात को फिर गंभीर बना दिया है.

