Assam Election Results 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में जोरहाट सीट से बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को इस हाई-प्रोफाइल सीट पर हार का सामना करना पड़ा है. भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने उन्हें लगभग 20,000 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की है. यह नतीजा न सिर्फ इस सीट के लिहाज से अहम है, बल्कि पूरे असम की राजनीति के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है.
जोरहाट बना सबसे बड़ा रणक्षेत्र
जोरहाट सीट इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में रही. यह सीट अहोम समुदाय के प्रभाव वाले क्षेत्र में आती है और लंबे समय से राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. खास बात यह रही कि यह वही क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व गौरव गोगोई लोकसभा में करते हैं. ऐसे में इस सीट पर जीत उनके लिए राजनीतिक रूप से बेहद जरूरी मानी जा रही थी. गौरव गोगोई के लिए यह चुनाव कई मायनों में खास था, क्योंकि उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाई थी. हालांकि, उनके सामने अनुभवी नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी थे, जिनकी इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ रही है. चुनावी मुकाबले में अनुभव और जमीनी नेटवर्क गोगोई पर भारी पड़ा.
गोस्वामी का अनुभव बना जीत की कुंजी
हितेंद्र नाथ गोस्वामी इस सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं. उन्होंने पहले असम गण परिषद (AGP) के टिकट पर तीन बार और भाजपा के टिकट पर दो बार जीत दर्ज की थी. इस बार भाजपा के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने लगातार तीसरी जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि क्षेत्र में उनकी पकड़ अभी भी मजबूत है.
कांग्रेस के लिए बड़ा झटका
गौरव गोगोई की हार को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. एक तरफ जहां वह प्रदेश अध्यक्ष हैं, वहीं दूसरी ओर यह सीट उनके लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी थी. इस हार से राज्य में कांग्रेस की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है और पार्टी को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है.
वहीं, इस जीत से भाजपा को बड़ा फायदा मिला है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत होती नजर आ रही है. जोरहाट जैसी अहम सीट पर जीत से भाजपा का मनोबल और बढ़ा है, जो आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है.
एक चरण में हुआ था मतदान
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था. इस चुनाव में भारी संख्या में मतदाताओं ने हिस्सा लिया, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प बन गया.