CJP Parliament March: बीते दिन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने संसद भवन तक आंदोलन किया. हालांकि, विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. प्रदर्शनकारियों पर इस तरह की कार्रवाई से देशभर में आक्रोश है. वहीं, अब इसके खिलाफ बॉलीवुड सितारों ने भी आवाज उठाई है.
पुलिस की कार्रवाई पर भड़कीं हुमा कुरैशी
एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा, “आज की तस्वीरें मेरे ज़हन में लंबे समय तक रहेंगी. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर इतनी बेरहमी और लाठियों का इस्तेमाल होते देख मुझे बहुत दुख हुआ. इसे निश्चित रूप से ज्यादा सब्र, लोगों की बात सुनने और बातचीत के जरिए संभाला जा सकता था.”
एक्ट्रेस ने आगे कहा, “हम भारत के लोगों ने ही इस सरकार को चुना है और आज हम सभी को सवाल पूछने और जवाबदेही की उम्मीद करने की जरूरत है. हम एक बहुत बड़ा और विविधताओं वाला देश हैं. जरूरी नहीं कि हम हर मुद्दे पर सहमत हों, लेकिन हम निश्चित रूप से इस बात पर सहमत हो सकते हैं कि बल प्रयोग करने से पहले हर नागरिक की बात सम्मान के साथ सुनी जानी चाहिए.” उन्होंने आखिरी में कहा, “हर उस छात्र और नागरिक का सम्मान है, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मान्यताओं के लिए खड़े होने का फैसला किया, जय हिंद.”
भूमि पेडनेकर भी किया पोस्ट CJP Parliament March
भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “हिंसा समाधान नहीं है.” उन्होंने कहा कि देश का अपने युवाओं के प्रति यह फर्ज है कि वह यह सुनिश्चित करे कि आंदोलन हिंसक न हो और अपने मकसद से न भटके, उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र बातचीत से ही बनते हैं. भूमि ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की भी मांग की और पेपर लीक, परीक्षा में विफलता, समान अवसर न मिलना, शिक्षकों की कमी और छात्रों पर पड़ने वाले दबाव जैसे मुद्दों को उठाया जिन पर ध्यान देने की जरूरत है. एक्ट्रेस ने आगे लिखा, “भले ही मैं विरोध-प्रदर्शन में कही गई हर बात से सहमत न होऊं, लेकिन मेरा पक्का मानना है कि सार्थक बातचीत से ही सुधार की शुरुआत होती है. यह सब हमारे छात्रों के बारे में ही होना चाहिए.”
पुलिस पर भड़के अनुराग कश्यप
इसके अलावा फिल्म मेकर अनुराग कश्यप ने कहा, “वर्दी पहनने के लिए आत्मा का, आत्मीयता का, सबका सौदा करना पड़ता है. मालूम नहीं था. क्या इस देश में कोई पुलिसवाला है जो खड़ा होकर बोल सके, मैं इस आदेश का पालन नहीं करूंगा क्योंकि यह गलत है?’
विशाल ददलानी ने कसा तंज
विशाल ददलानी ने भी लिखा, ” देख लिया? मंदिर में, वोट में, पेपर में चोरी, बच्चे आवाज उठाए तो सीना जोरी, अर्थव्यवस्था से शिक्षण व्यवस्था तक जहां देखों वहां साफ नजर आती है इन जाहिल गुंडो की कमजोरी.”

