करण जौहर की ‘कभी अलविदा ना कहना’ के 20 साल पूरे, फिल्म को लेकर आलोचनाओं का भी शिकार हुए थे मेकर्स

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Mumbai: करण जौहर की चर्चित ‘कभी अलविदा ना कहना’ फिल्म ने मंगलवार को अपने रिलीज के 20 साल पूरे कर लिए हैं. बता दें जब ये फिल्म रिलीज हुई थी तो इसकी आलोचना भी हुई थी. कुछ ने कहा था कि ये फिल्म बेवफाई का समर्थन करती है. रिलीज के समय इसकी कहानी पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों से हटकर होने के कारण दर्शकों के बीच काफी विवादास्पद और बंटी हुई प्रतिक्रिया का विषय रही थी.

फिल्म पर कई बार सफाई दे चुके हैं करण जौहर

हालांकि करण जौहर अपनी फिल्म पर कई बार सफाई दे चुके हैं. फिल्म के मेकर्स करण ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के कुछ क्लिप का मोंटाज वीडियो पोस्ट किया. करण जौहर ने बताया कि जो फिल्म से जुड़ी कहानी की झलक देता है. मेकर्स ने लिखा कि एक ऐसी कहानी जिसे आप कभी अलविदा नहीं कह सकते. फिल्म ‘कभी अलविदा न कहना’ के रिलीज को 20 साल पूरे हो गए.

सीख से भरा एक इमोशन

यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि प्यार, दिल टूटने, तड़प और सीख से भरा एक इमोशन है. करण जौहर द्वारा निर्देशित रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ विवाहेतर संबंधों (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर), भावनात्मक असंतोष और जटिल रिश्तों के संवेदनशील विषय पर आधारित है. इस फिल्म में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, प्रीति जिंटा और अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे.

कपल के इर्द-गिर्द घूमती है कहानी 

फिल्म की कहानी दो विवाहित कपल के इर्द-गिर्द घूमती है. इसमें देव (शाहरुख खान) और माया (रानी मुखर्जी) दोनों अलग-अलग लोगों से विवाहित हैं, लेकिन अपने-अपने वैवाहिक जीवन में असंतुष्ट और दुखी हैं. एक समय पर दोनों की मुलाकात होती है और वे अपनी बेमेल शादियों का दर्द एक-दूसरे से साझा करते हैं. धीरे-धीरे वे दोस्त बन जाते हैं और अपने रिश्तों में खालीपन के कारण एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं, जिसके बाद उनका विवाहेतर संबंध शुरू होता है.

मानवीय भावनाओं की जटिलता

सच्चाई सामने आने पर उनके पुराने रिश्ते टूट जाते हैं और वे अपने जीवनसाथियों से अलग हो जाते हैं, जो मानवीय भावनाओं की जटिलता को दर्शाता है. फिल्म का संगीत शंकर-हसान-लॉय ने दिया था और इसके गाने (जैसे शीर्षक गीत ‘कभी अलविदा ना कहना’) बेहद लोकप्रिय हुए थे.

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