Mumbai: टीवी अभिनेत्री संचिता उगले की मौत के मामले में लगातार नए दावे और खुलासे सामने आ रहे हैं. 22 वर्षीय अभिनेत्री के कथित आत्महत्या मामले ने मनोरंजन जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. जांच एजेंसियां अभिनेत्री के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और चैट रिकॉर्ड्स की पड़ताल कर रही हैं.
दोस्तों और सहकर्मियों के बयान भी दर्ज
साथ ही परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस दुखद घटना के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई. इसी बीच अभिनेता और सांसद रवि किशन ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए आत्महत्या को गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक मुद्दा बताया है. उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, आत्महत्या कभी भी उसका समाधान नहीं हो सकती.
इतनी कम उम्र में दुनिया छोड़ जाना दुर्भाग्यपूर्ण
रवि किशन ने अभिनेत्री के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में किसी कलाकार का इस तरह दुनिया छोड़ जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के बीच मानसिक तनाव और आत्मघाती विचार तेजी से बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है. उनके मुताबिक, जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक मजबूती और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है.
योग और अध्यात्म की अहम भूमिका
रवि किशन ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ध्यान, योग और अध्यात्म की अहम भूमिका है. उनका मानना है कि पूजा-पाठ, मेडिटेशन और आध्यात्मिक गतिविधियां व्यक्ति को मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकती हैं. हर इंसान के जीवन में सुख और दुख आते रहते हैं, लेकिन कठिन परिस्थितियों से हार मान लेना सही रास्ता नहीं है. रवि किशन ने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसे कभी दुख, तनाव या चिंता का सामना न करना पड़ा हो.
परिस्थितियों से निकलने का रास्ता नहीं हो सकता
हालांकि, इन परिस्थितियों से निकलने का रास्ता आत्महत्या नहीं हो सकता. उन्होंने अपने व्यक्तिगत आध्यात्मिक विश्वासों का जिक्र करते हुए कहा कि आत्महत्या को सबसे बड़ा पाप माना गया है और व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने का प्रयास करना चाहिए. दूसरी ओर, संचिता उगाले की मौत को लेकर जांच की मांग भी तेज हो गई है. ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.
मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
एसोसिएशन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि अभिनेत्री की मौत से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सके. संचिता के परिवार ने भी उनकी मौत के बाद कई गंभीर सवाल उठाए हैं. परिजनों का दावा है कि अभिनेत्री पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थीं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था. परिवार का आरोप है कि कुछ लोगों की ओर से उन पर विभिन्न प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह काफी तनाव में थीं. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
कई महीनों से मानसिक रूप से परेशान
संचिता की करीबी दोस्त गीतांजलि ने दावा किया है कि अभिनेत्री पिछले कई महीनों से मानसिक रूप से परेशान थीं. उनके अनुसार, संचिता अक्सर जीवन से निराशा की बातें करती थीं और कई बार कहती थीं कि वह अब जीना नहीं चाहतीं. वहीं, अभिनेत्री की सह-कलाकार मेघा शर्मा ने भी कहा कि संचिता लंबे समय से डिप्रेशन का सामना कर रही थीं. इन बयानों के बाद मामले में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है.
‘छावा’ में काम कर बनाई थी पहचान
संचिता उगाले ने अपने छोटे से करियर में कई टीवी प्रोजेक्ट्स और फिल्म ‘छावा’ में काम कर पहचान बनाई थी. उनकी असामयिक मृत्यु ने इंडस्ट्री के कलाकारों और प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया है.
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