किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही निजी जिंदगी, आर्थिक तंगी ने ले ली बेटे-बहू की जान, जानें कौन है वो दिग्गज गीतकार?

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New Delhi: हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार संतोष आनंद के लिखे गाने आज भी लोगों की आंखों को नम कर देते हैं और दिलों को छू जाते हैं. संतोष आनंद ने कई ऐसे सदाबहार गाने दिए जो आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं. ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’, ‘एक प्यार का नगमा है’ और ‘सुन साहिबा सुन’ जैसे गानों ने उन्हें इंडस्ट्री में अलग पहचान दिलाई. उनके गीतों में सच्चाई, इमोशन और जिंदगी का दर्द साफ झलकता था, जिसकी वजह से लोग उनसे आसानी से जुड़ जाते थे.

30 फिल्मों में 100 से ज्यादा लिखे गाने 

उन्होंने बॉलीवुड की 30 फिल्मों में 100 से ज्यादा गाने लिखे हैं, वेरिन एक वक्त आया जब वो भुला से दिए गए और आर्थिक तंगी में अपना जीवन जीने को मजबूर हो गए. प्रोफेशनल लाइफ में उन्हें सफलता मिली, लेकिन उनकी निजी जिंदगी लगातार मुश्किलों से भरी रही. रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2015 में उनके बेटे संकल्प आनंद और उनकी पत्नी ने दुखद तरीके से अपनी जान दे दी थी. इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया और संतोष आनंद पूरी तरह टूट गए थे.

लौटते समय ट्रेन के सामने लगा दी थी छलांग 

साल 2015 संतोष आनंद जी के बेटे संकल्प आनंद अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ दिल्ली से मथुरा गए थे. वहां से लौटते समय उन्होंने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी थी. इस दर्दनाक हादसे में संकल्प और उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी सुरक्षित बच गई थी. घटना के बाद पुलिस को एक लंबा सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव जैसी परेशानियों का जिक्र था.

आर्थिक दिक्कतों से गुजर रहा था परिवार 

बताया जाता है कि उस समय परिवार आर्थिक दिक्कतों से गुजर रहा था, जिसने हालात और मुश्किल बना दिए थे.एक वक्त ऐसा भी आया जब संतोष आनंद को काम मिलना कम हो गया और जिंदगी मुश्किल होने लगी. उन्होंने कई इंटरव्यू में अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र भी किया था. बाद में एक रियलिटी शो में उनकी कहानी सामने आने के बाद लोगों ने उनकी मदद भी की.

गाने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा

इतनी मुश्किलों के बावजूद संतोष आनंद के लिखे गाने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं. उनके शब्द आज भी वही एहसास देते हैं जो उन्होंने उस दौर में लिखे थे. उनकी कहानी भले ही दर्द से भरी हो, लेकिन उनकी कलम ने हिंदी सिनेमा को अमर गीत जरूर दिए हैं.

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