चेन्नई में बुखार-डेंगू के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता, डॉक्टरों ने लोगों को किया सतर्क

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Chennai Fever Cases: चेन्नई और इसके उपनगरीय इलाकों में पिछले कुछ हफ्तों से बुखार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. कई इलाकों में वायरल संक्रमण और डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं. स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने, समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है. पिछले 10 दिनों में शहर और उपनगरों में 2,000 से ज्यादा लोगों में बुखार के लक्षण मिले हैं. इनमें 140 मामलों में डेंगू की पुष्टि हुई है. यह आंकड़ा मच्छर जनित संक्रमण के पॉजिटिव मामलों में बढ़ोतरी का संकेत दे रहा है. इसके मुकाबले अगस्त में करीब 4,500 बुखार के मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 160 मामले डेंगू के थे.

कम समय में डेंगू के मामले बढ़ने से चिंता

ताजा आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. खास तौर पर इसलिए क्योंकि सिर्फ 10 दिनों में डेंगू के मामले पिछले पूरे महीने के आंकड़े के करीब पहुंच गए हैं. अड्यार, अन्ना नगर और वलसरवक्कम जोन में बुखार के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार, बदन दर्द, खांसी और अन्य लक्षणों के साथ मरीज पहुंच रहे हैं. स्वास्थ्य अधिकारी और मेडिकल टीमें स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं.

कई तरह के वायरल संक्रमण भी फैल रहे

डॉक्टरों के अनुसार, शहर में इन्फ्लुएंजा ए, राइनोवायरस और रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस यानी आरएसवी समेत कई सांस संबंधी वायरस फैल रहे हैं. वायरल बुखार परिवार के सदस्यों में भी तेजी से फैल सकता है, खासकर भीड़-भाड़ वाले घरों में जब संक्रमित व्यक्ति पर्याप्त सावधानी नहीं बरतता. बुखार होने पर डॉक्टरों ने सेल्फ मेडिकेशन से बचने और किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेने की अपील की है. जरूरत पड़ने पर जरूरी जांच भी करानी चाहिए. डॉक्टरों का कहना है कि इलाज में देरी या बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से स्थिति बिगड़ सकती है, खासकर डेंगू के मामलों में.

मच्छरों के प्रजनन को रोकना जरूरी

निवासियों से मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने के लिए भी जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया है. घरों और व्यावसायिक इमारतों के आसपास गमलों, पुराने टायरों, कंटेनरों, छतों या खुली जगहों पर पानी जमा नहीं होने देना चाहिए. जमा करके रखे गए पानी को ठीक से ढककर रखने और कंटेनरों की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य पेशेवरों ने आवासीय परिसरों, निर्माण स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में कचरे की नियमित सफाई पर भी जोर दिया है. साफ-सफाई बनाए रखना और रुके हुए पानी को हटाना डेंगू के प्रसार को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है.

लोगों को सुबह और शाम के समय मच्छरदानी, रिपेलेंट और सुरक्षात्मक कपड़ों का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई है. लगातार बुखार, तेज बदन दर्द, उल्टी, असामान्य थकान या ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल जाकर जांच और इलाज कराने को कहा गया है.

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