Upward Facing Dog Pose: आज कल के भाग दौड़भरे जीवन में योग के आसन फिजिकली, मेंटली और स्प्रिचुअल हेल्थ को बैलेंस करने में बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं. उनमें से एक जरूरी आसन है “ऊर्ध्वमुखश्वानासन”. यह एक संस्कृत शब्द है. इसे आम बोलचाल की भाषा में ‘अपवर्ड फेसिंग डॉग पोज’ भी कहते हैं.
यह आसन शरीर का लचीलापन बढ़ाता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है और शरीर के अंदरूनी अंगों के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाता है. यह आसन खासतौर पर पीठ, छाती और कंधों के लिए फायदेमंद होता है, साथ ही मानसिक तनाव को भी कम करता है. ध्यान रहे कि आसन करते समय सही टेक्नीक का पालन करें और किसी भी प्रकार के दर्द या असुविधा महसूस होने पर इसे छोड़ दें.
सूर्य नमस्कार का प्रमुख हिस्सा
यह आसन सूर्य नमस्कार का प्रमुख हिस्सा है. यह सूर्य नमस्कार के 7वें चरण (भुजंगासन के स्थान पर या उसके बाद) में किया जाता है, जो अष्टांग नमस्कार के बाद आता है. यह शरीर के सामने के हिस्से को स्ट्रेच करता है और रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. यह छाती को खोलता है और कमर की मजबूती के लिए जाना जाता है.
रीढ़ की हड्डी के लिए होता है काफी फायदेमंद
यह योग रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य के लिए काफी बेहतर माना जाता है. इसके लगातार अभ्यास से थकान कम होती है और रीढ़, बांहें व कंधे मजबूत बनते हैं. साथ ही, यह पाचन क्रिया को सुधारने और दमा में भी लाभकारी माना जाता है.
‘ऊर्ध्व मुख श्वानासन’ के नियमित अभ्यास मात्र से पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और कंधों में लचीलापन आता है. यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करते हैं.
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए असरदार
यह आसन न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. वहीं, सुबह खाली पेट इस आसन का अभ्यास करने से पूरे दिन में फ्रेशनेस और ऊर्जा बनी रहती है.
हालांकि, अगर आपको घुटने, कूल्हे या कमर में कोई पुरानी चोट है, तो अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या किसी योग विशेषज्ञ की सलाह लें. गर्भवती महिलाएं इस आसन को संशोधित रूप में ही करें.
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