सावधान: भारत की तीन सिरप खतरनाक, काफी मात्रा में मिला है जहरीला रसायन, WHO ने किया अलर्ट!

New Delhi: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत के कई राज्यों में सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले का संज्ञान लिया है. WHO ने जांच के बाद भारत में बनी तीन मिलावटी दवाओं की पहचान की है, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा में रही कोल्ड्रिफ कफ सिरप शामिल है. यह सिरप तमिलनाडु में स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स कंपनी द्वारा बनाई गई थी. कुछ ही हफ्ते पहले मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत के बाद यह मामला सामने आया तो पूरे देश में चिंता बढ़ गई. WHO ने समय रहते कार्रवाई करने के लिए ऐसे बिक रहे सिरप की जानकारी देने को कहा है.

दवा कंपनियों की निगरानी प्रणाली में बड़ी खामी उजागर

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने देश की दवा कंपनियों की निगरानी प्रणाली में बड़ी खामी को उजागर कर दिया है. WHO की जांच में पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में एक जहरीला रसायन डायथिलीन ग्लाइकोल (DEG) बहुत अधिक मात्रा में मिला है. DEG एक ऐसा केमिकल है जो शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होता है. यह किडनी और लिवर को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है और बच्चों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है.

दो और सिरप भी WHO की चेतावनी में शामिल

कोल्ड्रिफ सिरप में इस रसायन की मात्रा 48% से भी ज्यादा पाई गई, जबकि सुरक्षित मात्रा केवल 0.1 प्रतिशत तक होनी चाहिए. कोल्ड्रिफ के अलावा दो और सिरप भी WHO की चेतावनी में शामिल हैं. पहली रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर और दूसरी शेप फार्मा की रीलाइफ..WHO ने सभी देशों से अपील की है कि अगर ये सिरप किसी भी देश में मिलते हैं तो इसकी जानकारी तुरंत WHO को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

तमिलनाडु में सभी दवा कंपनियों की फैक्ट्रियों की गहन जांच शुरू

कोल्ड्रिफ सिरप को लेकर जब जांच हुई तो श्रीसन फार्मास्युटिकल्स की दवा बनाने की अनुमति सरकार ने तुरंत रद्द कर दी. साथ ही कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद तमिलनाडु में सभी दवा कंपनियों की फैक्ट्रियों की गहन जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह देखा जा सके कि कहीं और भी गुणवत्ता में कोई लापरवाही तो नहीं बरती जा रही.

केंद्र सरकार से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी

मध्य प्रदेश में बच्चों की मौतों के बाद हरकत में आई केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी जारी की. इस सलाह में कहा गया है कि दो साल से छोटे बच्चों को कफ सिरप बिल्कुल न दिया जाए. इसके अलावा पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भी ऐसे सिरप केवल जरूरत होने पर ही दिए जाएं. सरकार ने डॉक्टरों और फार्मेसियों को चेतावनी दी है कि बच्चों के लिए दवाइयों को बहुत सावधानी से लिखें और बेचें.

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