Bel Patra Khane Ke Fayde: सावन में भगवान शिव को जल चढ़ाने के साथ ही बेलपत्र अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा में इस्तेमाल होने वाला यह छोटा-सा पत्ता आपकी सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं होता. दरअसल, आयुर्वेद के साथ-साथ आधुनिक साइंस भी यह मानता है कि बेलपत्र की पत्तियों में औषधीय गुणों का खजाना छिपा हुआ है.
बता दें कि सावन के मौसम में बारिश की वजह से हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे हमारा पाचन तंत्र सुस्त पड़ जाता है और पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलती हैं. ऐसे समय में सुबह-सुबह खाली पेट बेलपत्र चबाना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है.
बेलपत्र खाने से शरीर को मिलते हैं फायदे
पेट के लिए
सावन के महीने में अक्सर लोगों को पेट भारी लगना, गैस बनना या एसिडिटी की शिकायत होने लगती है. ऐसे में बेलपत्र में मौजूद पोषक तत्व और कूलिंग प्रॉपर्टीज आपके पेट को अंदर से ठंडक पहुंचाती हैं. यदि आप सुबह खाली पेट 2 से 3 साफ बेलपत्र चबाकर खाते हैं, तो यह कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्याओं को खत्म करने में मदद कर सकता है.
ब्लड शुगर
वहीं, डायबिटीज मरीज के लिए बेलपत्र काफी मददगार होता है. इसमें ऐसे प्राकृतिक कंपाउंड पाए जाते हैं, जो शरीर में इंसुलिन के प्रोडक्शन को बेहतर बनाते हैं. ऐसे में नियमित रूप से बेलपत्र का सेवन करने से खून में ग्लूकोज का लेवल संतुलित रहता है.
इम्यूनिटी
इसके अलावा बारिश के मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार और इन्फेक्शन होना आम बात होती है. बता दें कि बेलपत्र में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुण भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपके इम्यून सिस्टम यानी रोगों से लड़ने की क्षमता को मजबूत करता है, जिससे आप सावन के मौसम में होने वाले वायरस और इन्फेक्शन से बचे रहते हैं.
दिल
बेलपत्र में मौजूद पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में कारगर होता हैं. यह शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है, जिससे दिल की धमनियों में रुकावट की संभावना घटती है और आपका दिल सेहतमंद रहता है.
शरीर की गंदगी
बता दें कि बेलपत्र एक नेचुरल डिटॉक्सिफायर की तरह काम करता है. सुबह खाली पेट इसे खाने से शरीर के अंदर जमा सारे टॉक्सिन्स पेशाब और पसीने के रास्ते बाहर निकल जाते हैं.
क्या है बेलपत्र खाने का सही तरीका?
सबसे पहले 2-3 ताजे और मुलायम बेलपत्र लें. इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें फिर सुबह खाली पेट इन्हें मुंह में रखकर धीरे-धीरे चबाएं और ऊपर से एक गिलास ताजा या हल्का गुनगुना पानी पी लें. अगर आप इसे चबाकर नहीं खा सकते, तो पत्तों को पीसकर उसका रस निकालकर भी पी सकते हैं.