Hypnic Jerk: क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि आप सोने ही वाले थे और अचानक हाथ, पैर या पूरा शरीर एक झटके से हिल गया हो? कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे वे ऊंचाई से गिर रहे हों और उसी समय शरीर में तेज झटका महसूस होता है. इस अनुभव को आमतौर पर हाइपनिक जर्क, स्लीप स्टार्ट या हाइपनागोजिक जर्क कहा जाता है. यह खासतौर पर नींद की शुरुआती अवस्था में जाने के दौरान होता है. हाइपनिक जर्क आमतौर पर एक सामान्य और बिनाइन स्लीप फिनोमिनन माने जाते हैं. ये स्लीप वेक ट्रांजिशन से जुड़े मसल्स जर्क हैं और यह स्वस्थ लोगों में भी हो सकते हैं.
सोते समय शरीर में अचानक झटका क्यों लगता है?
दरअसल, जब हमारा शरीर जागने की अवस्था से नींद की ओर बढ़ता है, तो ब्रेन और मांसपेशियों की सक्रियता में बदलाव होने लगते हैं. इसी बदलाव के दौरान कभी-कभी मसल्स में अचानक, बहुत कम समय के लिए अनैच्छिक संकुचन हो जाता है, जिसे Hypnic Jerk कहा जाता है. यह झटका सिर्फ पैर में हो सकता है या हाथ, कंधे अथवा पूरे शरीर में महसूस हो सकता है. कुछ लोगों को इसके साथ अचानक गिरने जैसा एहसास, आवाज सुनाई देने जैसी सेंसेशन या कोई स्वपन जैसे अनुभव कर सकते हैं. हाइपनिक जर्क को sleep-wake transition disorder के रूप में बताया गया है. आम तौर पर यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता.
Hypnic Jerk क्या है और यह कब होता है?
हाइपनिक जर्क एक अचानक और मांसपेशियों का क्षणिक संकुचन है, जो आमतौर पर व्यक्ति के सोने की शुरुआत में होता है. इसे स्लीप स्टार्ट भी कहा जाता है. यह इतना अचानक हो सकता है कि व्यक्ति खुद ही चौंककर जाग जाए. एक स्टडी में शोधकर्त्ताओं ने हाइपनिक जर्क को स्लीप के शुरूआत पर होने वाले अचानक मसल्स कॉन्ट्रैक्शन यानी संकुचन के रूप में बताया है. ऐसे झटके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकते हैं और हर बार एक जैसा मूवमेंट पैटर्न जरूरी नहीं होता.
नींद में बदलाव के दौरान ब्रेन और मांसपेशियों में क्या बदलाव होते हैं?
नींद कोई अचानक शुरू होने वाली स्थिति नहीं है. जागने से नींद में जाते समय ब्रेन एक्टिविटी धीरे-धीरे बदलती है और शरीर की मांसपेशिय एक्टिविटी भी कम होने लगती है। इसी बदलाव के समय में कुछ लोगों में अचानक मसल्स एक्टिवेशन हो सकती है. स्लीप वेक ट्रांजिशन से जुड़े मोटर फिनोमिना पर रिसर्च बताती है कि इस दौरान नर्वस सिस्टम में न्यूरोनल फायिरंग पैटर्न्स बदलते हैं. हाइपनिक जर्क इसी बदलाव से जुड़े साइकोलॉजिकल मोटर फिनोमिना में शामिल हैं.
क्या स्ट्रेस और एंग्जायटी से स्लीप जर्क बढ़ सकते हैं?
साइंस डायरेक्ट के अनुसार, स्ट्रेस और इमोशनल टेंशन कुछ लोगों में हाइपनिक जर्क को बढ़ाने या गहराई से बढ़ा सकते हैं. खासकर जब व्यक्ति मानसिक रूप से बहुत सक्रिय हो और सोते समय भी दिमाग में लगातार विचार चल रहे हों, तो नींद की शुरूआत मुश्किल हो सकती है. एक रिव्यू में स्ट्रेस, थकान और नींद की कमी को हाइपनिक जर्क को बढ़ाने वाले संभावित कारकों में शामिल किय गया है.
सोते समय अचानक हाथ-पैर या पूरे शरीर में झटका लगना अक्सर हाइपनिक जर्क हो सकता है. यह जागने से नींद में जाने के दौरान होने वाला कम समय के लिए अनैच्छिक मांसपेशिय संकुचन है और यह आमतौर पर गंभीर समस्या नहीं माना जाता. स्ट्रेस, थकान, नींद की कमी, कैफीन लेना और कुछ अन्य कारक इसे बार-बार होने की वजह बन सकते है. इसलिए कभी-कभार होने वाले स्पील जर्क से घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर झटके लगातार बढ़ रहे हैं, नींद प्रभावित कर रहे हैं या उनके साथ दूसरे न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.