पढ़ाई, कला और लीडरशिप का सुंदर तालमेल: दिल्ली से लंदन तक ऊर्जा अक्षरा की सफलता की कहानी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

पश्चिम की आधुनिक शिक्षा और भारत की पारंपरिक संस्कृति का जो खूबसूरत रूप ऊर्जा अक्षरा के व्यक्तित्व में दिखता है, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी मिसाल है. ब्रिटेन की मशहूर किंग्स कॉलेज लंदन (KCL) से हाल ही में इंटरनेशनल डेवलपमेंट में मेजर और डिजिटल कल्चर में माइनर-उत्कृष्टता से बीए लिबरल आर्ट्स (ऑनर्स) की डिग्री के साथ पूरी कर ऊर्जा अक्षरा ने यह साबित कर दिया है कि लगन सच्ची हो, तो दुनिया के किसी भी कोने में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया जा सकता है.

लंबे समय की लगातार साधना से निखरी उनकी कथक नृत्य और भारतीय शास्त्रीय गायन की कला जहां मन को सुकून देती है, वहीं सामाजिक सरोकारों और नेतृत्व के क्षेत्र में उनका काम यह दिखाता है कि ज्ञान सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होता. आइये ऊर्जा अक्षरा के सफर को करीब से जानें जिसने उन्हें एक होनहार छात्रा, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतिनिधि और सामाजिक बदलाव की नई सोच के रूप में उन्हें पहचान दिलाई है.

Oorja Akshara

ऊर्जा अक्षरा के सफर पर नजर

दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) आरके पुरम (दिल्ली) की हेड गर्ल बनने से लेकर किंग्स कॉलेज लंदन में स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव बनने तक संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारतीय संस्था का प्रतिनिधित्व करने से लेकर लंदन के ‘इंडिया हाउस’ और पुणे लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी कला का जादू बिखेरने तक ऊर्जा अक्षरा ने सफलता की नई बुलंदियों को छुआ है. आइए, उनके इस प्रेरणादायक सफर पर एक नजर डालते हैं.

लंदन के ऐतिहासिक मंच पर कला का जादू

ऊर्जा अक्षरा का हुनर सिर्फ पढ़ाई-लिखाई तक सीमित नहीं रहा बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उनके सांस्कृतिक प्रदर्शन को काफी सराहा गया. लंदन में भारतीय उच्चायोग (इंडिया हाउस) द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में ऊर्जा अक्षरा ने अपने शानदार कथक प्रदर्शन से ऐसा समां बांधा कि पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी की मौजूदगी में उनके इस प्रदर्शन ने भारत की सांस्कृतिक विविधता का सुंदर संदेश दिया.

PILF और विश्व पुस्तक मेले गायन और कथक

पुणे के ऐतिहासिक फर्ग्यूसन कॉलेज में आयोजित ‘पुणे इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल’ (PILF) और विश्व पुस्तक मेले 2024 के दौरान ऊर्जा अक्षरा ने जब शास्त्रीय गायन और कथक की मंचीय जुगलबंदी पेश की तो वहां मौजूद कला प्रेमी और साहित्य जगत के दिग्गज भी दाद देने से खुद को रोक न सके.

सामाजिक जिम्मेदारी और जन-सेवा

असली शिक्षा वही है जो समाज के काम आए. इंडियन डेवलपमेंट फाउंडेशन (IDF) की यूथ और स्टूडेंट एंबेसडर के रूप में ऊर्जा अक्षरा ने महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा से जुड़े ‘EmpowerHer’ और ‘Project Dignity’ जैसे अभियानों का बेहद जिम्मेदारी से नेतृत्व किया. उन्होंने न केवल जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाई, बल्कि करीब दो लाख रुपये का फंड जुटाकर और वॉलंटियर्स को जोड़कर कई जरूरतमंद महिलाओं की मदद की.

मुंबई के नेहरू विज्ञान केंद्र में उन्हें ‘IDF Student Ambassador Gratitude Honor’ से सम्मानित किया गया, जहां उन्होंने कहा था कि हम जो पाते हैं उससे जीवन चलाते हैं; हम जो दूसरों को देते हैं उससे सच्चा जीवन बनता है”. उनकी इन्हीं सामाजिक कोशिशों के चलते उन्हें संयुक्त राष्ट्र के CSW70 (Commission on the Status of Women) के लिए संस्था का भावी प्रतिनिधि भी चुना गया है.

‘जेन-जी चेंज मेकर’ का बड़ा सम्मान

कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा और सोच का लोहा मनवाने के लिए ऊर्जा अक्षरा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है. दिल्ली के ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ (IIC) में न्यूज एक्स (NewsX) और बिजनेस वर्ल्ड (BWBusinessWorld) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्हें ‘Gen-Z Change Maker Award’ से नवाजा गया.

इसके अलावा, सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT, भारत सरकार) द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत में उत्कृष्टता के लिए मिली स्कॉलरशिप और दिल्ली संस्कृत अकादमी की स्कॉलरशिप से सम्मानित होकर ऊर्जा अक्षरा ने पढ़ाई और कला के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण पेश किया है.

अनुशासन, मीडिया का अनुभव और लीडरशिप

अपनी पढ़ाई को व्यावहारिक रूप देने के लिए ऊर्जा ने मीडिया और कंटेंट के क्षेत्र में भी काम किया है. उन्होंने ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ में समर एडिटोरियल इंटर्न के तौर पर काम करते हुए रिसर्च, फैक्ट चेक और फीचर राइटिंग को करीब से समझा.

इसके साथ ही, भारत सरकार के ‘स्किल काउंसिल फॉर Green Jobs’ में इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने सतत विकास और पर्यावरण से जुड़े प्रकाशनों के संपादन और लेखन में मदद की. किंग्स कॉलेज लंदन में पढ़ाई के दौरान उन्होंने दिवाली शो की मार्केटिंग हेड और कोरियोग्राफर के रूप में बड़े कार्यक्रमों की ब्रांडिंग और टीम मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भी बखूबी संभाली.

नेतृत्व की मजबूत नींव

ऊर्जा अक्षरा में नेतृत्व और अनुशासन के गुण उनकी स्कूली शिक्षा के दौरान ही दिखने लगे थे. देश के प्रतिष्ठित स्कूल दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) आरके पुरम में वे हेड गर्ल चुनी गई थीं, जहां उन्होंने करीब 10,000 विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व किया.

9.83/10 CGPA के साथ बेहतरीन अंकों से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने वाली ऊर्जा ने न सिर्फ पढ़ाई में टॉप किया बल्कि पहली बार वोट डालते (First Time Voter) समय महिलाओं के समान प्रतिनिधित्व, महिला अधिकार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर बेबाकी से बात रखकर अपनी समझदारी का परिचय दिया.

LSE से मास्टर्स और अंतरराष्ट्रीय करियर का सपना

अब ऊर्जा अक्षरा अपनी शैक्षणिक यात्रा के अगले पड़ाव पर कदम रखने जा रही हैं. वे आगामी सत्र में दुनिया के शीर्ष संस्थानों में शुमार लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) से अपनी मास्टर्स की पढ़ाई शुरू करेंगी.

उनका लक्ष्य मीडिया, संस्कृति, लक्जरी ब्रांडिंग और रणनीतिक संचार (Strategic Communication) के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाना है. वे ऐसी संस्थाओं के साथ काम करना चाहती हैं जो अपनी बेहतरीन सोच और कहानियों के माध्यम से दुनिया में नए और सकारात्मक बदलाव ला सकें.

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