अमिताभ बच्चन बिल्कुल ठीक, रूटीन चेकअप के लिए पहुंचे थे हॉस्पिटल, भर्ती होने की खबरें निकली झूठी

Mumbai: मेगास्टार अमिताभ बच्चन को गंभीर हालत में मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराने की खबरें पूरी तरह से गलत निकलीं. ऐसी खबरें आईं कि उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसको लेकर उनके फैंस में चिंता बढ़ गई थी. एक सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन 16 मई से अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके बाद से ही एक्टर के जल्द ठीक होने की कामना की जाने लगी. इसी बीच करीबी परिवार वालों ने इस बात की पुष्टि की कि यह दिग्गज एक्टर सिर्फ़ एक रेगुलर चेक-अप के लिए अस्पताल गए थे.

नानावती अस्पताल गए थे मिस्टर बच्चन

रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र ने बताया कि मिस्टर बच्चन शनिवार को नानावती अस्पताल गए थे लेकिन यह एक रेगुलर चेक-अप था जिसके लिए वह हर महीने जाते हैं और उसके बाद वह घर लौट आए. अंदरूनी सूत्र ने कहा कि यह खबर पूरी तरह से गलत है. वह बिल्कुल ठीक हैं और शनिवार को अस्पताल में अपनी रेगुलर जांच के बाद वह घर लौट आए थे.

अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहें

अगले दिन उन्हें जलसा से जनक तक अपनी कार चलाते हुए भी देखा गया था. वह अभी घर पर ही हैं. उनके अस्पताल में भर्ती होने की अफवाहें इंटरनेट पर फैलने के बाद अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर एक कविता लिखी और सोशल मीडिया पर एक गुप्त संदेश पोस्ट किया. उन्होंने हिंदी में लिखा कि चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरू करे, ईर बीर फत्ते, कहां, चल हमौ, पिलावे सुरू करे!!! बाजरे दी रोटी खा दी, फु पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लागे जैसे, बोलन लागे काग रे !!!!!

फैंस के प्यार और समर्थन के लिए अपना आभार

दिग्गज अभिनेता अक्सर अपने मुंबई स्थित घर जलसा के बाहर रविवार को अपने फैंस से मुलाक़ात करते हैं. वह कई सालों से इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं और वह इसे फैंस के प्यार और समर्थन के लिए अपना आभार व्यक्त करने का एक अवसर मानते हैं. इस रविवार 17 मई की मुलाक़ात की भी कई तस्वीरें इस दिग्गज अभिनेता ने शेयर कीं और बताया कि उन्हें आज भी इस बात की थोड़ी घबराहट होती है कि क्या उनसे मिलने के लिए लोग आएंगे भी या नहीं.

अब बाहर जाने का समय

उन्होंने लिखा. मैं घर से अपने शुभचिंतकों से मिलने के लिए बाहर निकलता हूं….स्टाफ़, सिक्योरिटी और पुलिस मुझे बताते हैं कि अब बाहर जाने का समय हो गया है और जैसे ही मैं बाहर की ओर कदम बढ़ाता हूं, मेरे मन में एक हिचक सी होती है. क्या वे वहां मौजूद होंगे? क्या वे मेरा अभिवादन करेंगे? या फिर मेरा मज़ाक उड़ाएंगे?

इसे भी पढ़ें.Dehradun: देहरादून के अस्पताल में लगी आग, मची चीख-पुकार, एक मरीज की मौत, दो गंभीर

More Articles Like This

Exit mobile version