Assam Election 2026: असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है. राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान को पूरी ताकत से तेज कर दिया है और इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी भी अपने स्टार प्रचारकों के साथ मैदान में उतर चुकी है.
रविवार को दिल्ली से भाजपा सांसद और पार्टी के स्टार प्रचारक मनोज तिवारी ने असम के कई विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित कर चुनावी माहौल को और धार दी.
कई इलाकों में ताबड़तोड़ प्रचार
मनोज तिवारी ने हैलाकाण्डी, धोलाई और उदारबंद विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं कीं. इसके साथ ही उन्होंने दो नुक्कड़ सभाएं भी कीं, जहां स्थानीय लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली.
जानकारी के अनुसार, उनकी सभाओं में करीब 20 से 30 हजार लोगों की उपस्थिति रही, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि चुनावी माहौल में तेजी से गर्मी बढ़ रही है.
बीजेपी की जीत का दावा
अपने संबोधन के दौरान मनोज तिवारी ने भरोसे के साथ कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस बार भी असम में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने जा रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश भरते हुए कहा कि जनता का रुझान भाजपा के पक्ष में है.
कांग्रेस पर सीधा निशाना
जनसभा में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी नागरिकों की खुशियाँ लूटनेवाली पार्टी है, जबकि बीजेपी खुशियाँ देनेवाली पार्टी है.” उनके इस बयान पर सभा में मौजूद समर्थकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी और भाजपा के समर्थन में नारेबाजी भी की.
विकास के मुद्दे पर जोर
मनोज तिवारी ने अपने भाषण में विकास को मुख्य मुद्दा बताया और दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा, “कांग्रेस सरकार में मेरी लोकसभा में एक केंद्रीय विद्यालय तक नहीं था.. हमने मोदी सरकार में दो केंद्रीय विद्यालय बनवाया तीसरा और चौथा भी स्वीकृत है. अब विकास का ही मुद्दा चलेगा.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है.
चुनाव की तारीख और मतदान
बताते चलें कि असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे.
कितने मतदाता करेंगे वोट
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, असम में करीब 2.5 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे.
निष्पक्ष चुनाव का भरोसा
आयोग का कहना है कि इस बार भी सभी राज्यों में निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि हर मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके.
चुनावी असर और माहौल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की बड़ी सभाएं और स्टार प्रचारकों की सक्रियता चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकती है. बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संदेश मजबूत होता है.
असम में इस बार का चुनाव मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, जहां भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस और अन्य दल भी पूरी ताकत से मैदान में डटे हुए हैं.