Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को दिल्ली दौरे पर रहेंगे. मंगलवार शाम 4 बजे उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर होगी. मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सम्राट चौधरी की पहली दिल्ली यात्रा है.
पीएम मोदी और गृह मंत्री से करेंगे मुलाकात
जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये शिष्टाचार मुलाकात बताई जा रही है लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी काफी अहम माने जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान बिहार में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हो सकती है. इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री की मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं.
बिहार सरकार का मंत्रिमंडल अधूरा है Samrat Choudhary
वहीं, इन दोनों बैठकों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि इसमें भाजपा कोटे से मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है. वर्तमान में बिहार सरकार का मंत्रिमंडल अधूरा है और इसे जल्द से जल्द विस्तार देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है. फिलहाल राज्य में केवल मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री ही शपथ ले चुके हैं. जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी को डिप्टी सीएम बनाया गया है, जबकि भाजपा कोटे से अभी तक किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है. ऐसे में पूरी कैबिनेट लगभग खाली पड़ी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है.
राज्य में शासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी
बिहार में कुल 33 मंत्रियों का प्रावधान है, लेकिन अभी तक एक भी पूर्ण मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है. ऐसे में नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल्द से जल्द कैबिनेट का विस्तार कर प्रशासन को गति देना है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली इन बैठकों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो सकती है और राज्य में शासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है
बता दें कि 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे और अपनी सरकार के बहुमत को साबित करने की कोशिश करेंगे. बिहार में एनडीए की सरकार है लेकिन पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री और जदयू के दो उपमुख्यमंत्री बने हैं. एनडीए की सरकार में पहले मुख्यमंत्री के पद का दायित्व नीतीश कुमार संभाल रहे थे, जबकि भाजपा कोटे से उपमुख्यमंत्री बनते रहे थे. विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, सत्र की अधिसूचना मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और विधायकों को भेज दी गई है. यह पत्र निदेशक राजीव कुमार, बिहार विधानसभा, पटना के हस्ताक्षर से जारी किया गया है.