अब इस भाषा में होगी केमिस्ट्री की पढ़ाई, आसान हुई छात्रों की राह

Chemistry in Maithili : साइंस और मैथ्स जैसे विषय को आमतौर पर सबसे कठिन विषय माना जाता रहा है. विशेष रूप से उनकी तकनीकी शब्दावली के कारण इन्हें ज्यादा टफ सब्जेक्ट माना जाता है. वहीं काफी लंबे लंबे समय से माना जा रहा है कि अगर किसी भी विषय को मातृभाषा में पढ़ाया जाए तो उसे समझना आसान होता है. यहीं कारण है कि अब केमिस्ट्री को मैथिली भाषा में भी पढ़ाया जाएगा.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार भारत सरकार के कमिशन ऑफ साइंटिफिक एंड टेक्निकल टर्मिनोलॉजी ने ललित नारायण मैथिली यूनिवर्सिटी के सहयोग से केमिस्ट्री की मूलभूत शब्दावली मैथिली में तैयार और प्रकाशित की है. 2020 के तहत यह नई शिक्षा नीति लागू की गई है, ऐसे में इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को मातृभाषा में एजुकेशन दिलाना है.

छात्रों को साइंस समझने में बड़ी राहत

बता दें कि इस योजना के तहत केमिस्ट्री के करीब 3500 से ज्यादा तकनीकी शब्दों का मैथिली में अनुवाद किया गया है. इस अनुवाद के बाद 12वीं तक की केमिस्ट्री की किताबों को मैथिली में तैयार करना आसान हो जाएगा. कहा जा रहा है कि इससे मिथिलांचल के छात्रों को साइंस सब्जेक्ट समझने में बड़ी राहत मिलेगी. इसके साथ ही और भी विषय के किताबों को मैथिली में उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है.

इन विद्यार्थियों को होगा सबसे ज्‍यादा फायदा

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार इस शब्दावली का सीधा फायदा स्कूल स्तर के छात्रों को मिलेगा. सबसे खास बात 12वीं तक के विद्यार्थियों को इसका ज्यादा फायदा होगा. बता दें कि इन किताबों के अनुवाद से पढ़ाई आसान होंगे. ऐसे में रिपोर्ट का कहना है कि फ्यूचर में राजनीतिक शास्त्र और पत्रकारिता जैसे सब्जेक्ट की शब्दावली मैथिली में तैयार की जा रही है. इसके साथ ही अन्य क्षेत्रीय भाषाओं पर भी इसी तरह का काम जारी है. जानकारी के मुताबिक, यह शब्दावली तैयारी करने के लिए एक विशेष एक एक्सपर्ट समिति गठित की गई है. इनमें डॉ. प्रेम मोहन मिश्र, डॉ. अवधेश कुमार मिश्र, प्रो. देवनारायण झा, डॉ. अजय कुमार मिश्र, डॉ. बीणा ठाकुर, डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज, डॉ. संजय कुमार झा, डॉ. सविता झा और डॉ. वागीश कुमार झा जैसे नाम शामिल रहे.

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