Breaking News: ‘मैंने जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा…’ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Breaking News: करीब दो महीने से जारी CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. लंबे समय से CJP और प्रदर्शनकारी छात्र उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे. अब उनके इस्तीफे के साथ यह मांग पूरी हो गई है. इस फैसले के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की ओर से भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. माना जा रहा है कि इस इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय और NEET पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक बहस एक नए दौर में प्रवेश कर सकती है.

बताई इस्तीफे की वजह

इस्तीफे की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए साझा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए अपने पत्र में इस फैसले की वजह भी विस्तार से बताई. धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, शिक्षा और छात्रों के हित में काम करना हमेशा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है. उन्होंने कहा कि पिछले चार दशक से वह शिक्षा सुधार, छात्रों और शिक्षकों के साथ जुड़े रहे हैं और उनका मानना है कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही देश के भविष्य की नींव होती है. अपने पत्र में उन्होंने NEET-UG परीक्षा का भी जिक्र किया.

उनके अनुसार, 3 मई 2026 को हुई परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की. मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया. साथ ही यह भी घोषणा की गई कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित होगी.

प्रधान ने बताया कि 20 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों और छात्रों के सहयोग से पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई. 16 जुलाई को घोषित परिणामों में कई गरीब और वंचित परिवारों के छात्रों ने सफलता हासिल की, जिससे उन्हें संतोष मिला.

शिक्षा और राजनीति अलग हो

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें बेहद दुखी किया. उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे विवाद और बढ़ा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है. इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया ताकि शिक्षा और छात्रों का मुद्दा राजनीतिक विवादों से दूर रह सके.

अपने इस्तीफे के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का आभार जताया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंत्री पद छोड़ने के बाद भी वह देश, ओडिशा की जनता और युवाओं की सेवा के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे.

Latest News

शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत…Gen Z को बधाई, धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक

Sonam Wangchuk: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

More Articles Like This

Exit mobile version