Mukesh Ambani ने लॉन्च किया अरुंधती भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘अपराजिता’ का हिंदी संस्करण, कामकाजी महिलाओं के लिए इकोसिस्टम बनाने की अपील

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

मुंबई, 10 सितंबर 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने गुरुवार को BSE ऑडिटोरियम में भारतीय स्टेट बैंक की पूर्व चेयरपर्सन अरुंधती भट्टाचार्य की आत्मकथा ‘इंडोमिटेबल’ के हिंदी संस्करण ‘अपराजिता’ का लोकार्पण किया. इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व, इमोशनल क्वोटिएंट (EQ) और कामकाजी महिलाओं व माताओं के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया.

‘अपराजिता’ शीर्षक अरुंधती को और बेहतर तरीके से दर्शाता है

मुकेश अंबानी ने कहा, “अंग्रेजी शीर्षक ‘इंडोमिटेबल’ उन्हें बिल्कुल सटीक बताता है — ऐसी व्यक्तित्व जिन्हें कोई बाधा नहीं रोक सकती, कोई विपत्ति नहीं हरा सकती. लेकिन हिंदी शीर्षक ‘अपराजिता’ और भी शक्तिशाली है — जो कभी पराजित नहीं हो सकती, जिसने जीवन में कभी हार नहीं मानी.” उन्होंने बताया कि इस पुस्तक के हिंदी संस्करण के लोकार्पण का अवसर करीब पांच साल से बन रहा था. वर्ष 2021 में अंग्रेजी संस्करण के लॉन्च के लिए निमंत्रण मिला था, लेकिन कोविड महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका. अब यह प्रतिबद्धता पूरी हुई है. अंबानी ने कहा कि हिंदी संस्करण के जरिए अरुंधती भट्टाचार्य की कहानी भारत के शहरों, कस्बों, जिलों और गांवों के युवाओं तक पहुंचेगी.

2018 से रिलायंस बोर्ड की सदस्य हैं अरुंधती भट्टाचार्य

अरुंधती भट्टाचार्य वर्ष 2018 से रिलायंस बोर्ड की सदस्य हैं. मुकेश अंबानी ने उनकी स्वतंत्र सोच, समस्या-समाधान की क्षमता और विविधता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि महिलाएं वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में दुर्लभ EQ यानी Empathy Quotient लेकर आती हैं. अंबानी ने कहा, “हमारे विश्व को बौद्धिक क्वोटिएंट से ज्यादा इमोशनल क्वोटिएंट की जरूरत है—यानी नेतृत्व पदों पर ज्यादा महिलाएं.”

अंबानी ने बताए पुस्तक से चार प्रमुख सबक

मुकेश अंबानी ने ‘अपराजिता’ से चार प्रमुख सबक भी साझा किए. इनमें परिवार के मूल्यों को महत्व देना, दोषारोपण से बचना, आजीवन सीखते रहना और लोगों का नेतृत्व करना शामिल है. उन्होंने कहा कि परिवार सबसे पहली और स्थायी पूंजी है. साथ ही, असफलता को फैसले के बजाय फीडबैक के रूप में देखना चाहिए. लोगों को नेतृत्व देने के संदर्भ में उन्होंने कहा, “सही लोगों को सही भूमिका में रखें, चुनौतीपूर्ण मिशन दें, सशक्त बनाएं और सही इरादे से लिए गए साहसिक निर्णयों के पीछे खड़े रहें – तब असंभव भी संभव हो जाएगा.”

‘स्त्री शक्ति ही भारत की शक्ति है’

मुकेश अंबानी ने कॉरपोरेट इंडिया से कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए सहायक इकोसिस्टम को मजबूत करने की अपील की. उन्होंने अरुंधती भट्टाचार्य और अन्य अनुभवी महिलाओं से इस पहल का नेतृत्व करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन इस पहल में पूरी तरह शामिल होगा. अंबानी ने कहा, “स्त्री शक्ति ही भारत की शक्ति है. भारत महिला विकास से महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर निर्णायक रूप से बढ़ रहा है.”

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

‘अपराजिता’ के हिंदी संस्करण के लोकार्पण कार्यक्रम में अरुंधती भट्टाचार्य, उनके पति प्रो. प्रतिमोय भट्टाचार्य, पुत्री सुकृति, नव्या नवेली नंदा, मोनिका हालन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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