Ebola Alert: दुनिया में बढ़ी इबोला की दहशत, तमिलनाडु में हाई अलर्ट; एयरपोर्ट से अस्पताल तक बढ़ी चौकसी

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ebola Alert: दुनिया के कुछ हिस्सों में एक बार फिर इबोला वायरस को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है. कुछ अफ्रीकी देशों से इबोला वायरस रोग (EVD) से जुड़े संभावित मामलों की खबरों के बाद कई देशों ने अपनी स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना शुरू कर दिया है. बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आवागमन के कारण स्वास्थ्य एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गई हैं. भारत में भले ही फिलहाल इस वायरस का कोई बड़ा खतरा सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती तैयारियों को तेज कर दिया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह के बाद तमिलनाडु अलर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श के बाद तमिलनाडु सरकार ने राज्य में निगरानी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने का फैसला लिया है. हालांकि राज्य में अभी तक इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहती. अधिकारियों का मानना है कि किसी बीमारी के फैलने के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले से पूरी तैयारी कर ली जाए.

एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर बढ़ी सख्ती

तमिलनाडु के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टरेट (डीपीएच) ने राज्य के सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं. विशेष रूप से उन यात्रियों की निगरानी की जा रही है जो इबोला प्रभावित देशों से लौट रहे हैं या हाल ही में उन देशों की यात्रा करके आए हैं. एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है. यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसके अलावा बंदरगाहों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की शुरुआती स्तर पर ही पहचान की जा सके.

अस्पतालों में शुरू हुई विशेष तैयारियां

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त तैयारियों के निर्देश दिए हैं. किसी भी संदिग्ध मरीज से निपटने के लिए प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखे गए हैं. इसके अलावा रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे संक्रमण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन करें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें.

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग

स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों, नर्सों और फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं. इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य बीमारी की जल्द पहचान, रिपोर्टिंग और संक्रमण रोकने के उपायों की जानकारी देना है. अधिकारियों का मानना है कि फ्रंटलाइन मेडिकल स्टाफ की तैयारी जितनी मजबूत होगी, किसी भी संभावित संक्रमण को उतनी ही तेजी से नियंत्रित किया जा सकेगा. इसी वजह से स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

इबोला के लक्षणों को लेकर जारी की गई चेतावनी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इबोला संक्रमण होने पर मरीज में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. शुरुआती चरण में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. संक्रमण बढ़ने के साथ मरीज को उल्टी, दस्त और त्वचा पर चकत्ते जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. गंभीर मामलों में शरीर के अंदर या बाहर रक्तस्राव की स्थिति भी पैदा हो सकती है. अधिकारियों ने कहा है कि प्रभावित देशों से आने वाले लोगों को ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

यात्रियों के लिए जारी की गई विशेष सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि यदि उन्हें यात्रा के दौरान या भारत पहुंचने के बाद 30 दिनों के भीतर किसी प्रकार के लक्षण महसूस होते हैं, तो वे तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी जानकारी दें. अधिकारियों ने लोगों से बीमारी को लेकर घबराने की बजाय सतर्क रहने और सही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है.

जागरूकता अभियान पर भी दिया जा रहा जोर

राज्य सरकार ने साफ-सफाई, संक्रमण से बचाव और बीमारी के लक्षणों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किए हैं. इसके अलावा निगरानी अधिकारियों को असामान्य बुखार के मामलों और बीमारी के किसी भी संदिग्ध पैटर्न पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. हवाई अड्डों, अस्पतालों और प्रयोगशालाओं के बीच तालमेल को भी मजबूत किया गया है ताकि यदि भविष्य में कोई संदिग्ध मामला सामने आता है तो उस पर बिना देरी के कार्रवाई की जा सके.

Latest News

Kids Savings Account: बच्चों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे ये खास बैंक खाते, कम उम्र से सीखेंगे बचत और पैसों की...

आज के डिजिटल दौर में बच्चों को कम उम्र से पैसों की अहमियत और बचत की आदत सिखाना बेहद जरूरी हो गया है. देश के कई बड़े बैंक बच्चों और किशोरों के लिए विशेष सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं.

More Articles Like This