New Delhi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है, जो मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा. इस परियोजना को वर्ष 2020 में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली थी और इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया गया.
पैदा होंगे रोजगार के अवसर
यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में भी विकसित होगा, जिससे निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. परियोजना से किसानों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिल सकेगी. इसके अलावा बेहतर संपर्क से प्रयागराज और आस-पास के क्षेत्रों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में UP की हिस्सेदारी 55%
वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है, जो गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने के बाद बढ़कर करीब 60 प्रतिशत हो जाएगी. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है. एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा, जिससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा.
इससे 500 से अधिक गांवों को लाभ की उम्मीद
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों से होकर गुजरेगा. इससे 500 से अधिक गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. बेहतर सड़क संपर्क से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और माल के परिवहन में तेजी आएगी.
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