हरियाली अमावस्या के दिन इन स्थानों पर अवश्य करें दीपदान, प्रसन्न होकर पितृ बरसाएंगे कृपा

Hariyali Amavasya इस बार हरियाली अमावस्या 24 जुलाई को मनाई जाएगी. बता दें कि इस दिन को पितृ पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. धार्मिकों के अनुसार इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, स्नान और दान करना बेहद शुभ होता है. ऐसे में घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाकर भी आप पितरों का आशीर्वाद पा सकते हैं.

इन स्थानों पर जलाएं दीपक

दक्षिण दिशा में दीपक-  जानकारी के मुताबिक, वास्तु में दक्षिण दिशा को पितरों का स्थान माना गया है. इस प्रकार आपको हरियाली अमावस्या के दिन आपको इस दिशा में चौमुखी दीपक जलाना चाहिए. वास्‍तु के अनुसार अमावस्‍या के दिन दीपक जलाने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में भी खुशियां दस्‍तक देती हैं.

ईशान कोण में दीपक-  प्राप्‍त जानकारी के अनुसार ईशान कोण को ईश्वर की दिशा माना जाता है. बता दें कि इस दिन आपको दीपक जरूर जलाना चाहिए. यहां जलाया गए दीपक से पितृ और देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी आपको प्राप्त होता है.

पीपल के वृक्ष के पास- धार्मिकों के अनुसार पीपल के वृक्ष में पितृ देवताओं का वास होता है. इसलिए इस दिन आपको पीपल के पेड़ के नीचे दीपक अवश्य जलाना चाहिए. इस दौरान दीपक जलाने के बाद उनकी आत्मा की शांति के लिए पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा भी आपको करनी चाहिए.

शिव मंदिर में-  वैसे तो आप जानते होंगे सावन का पवित्र महीना शिव जी का होता है, इसलिए इस महीने शिव की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. इसके साथ ही भगवान शिव सभी प्राणियों के पूज्य भी हैं. इसलिए आपको शिव मंदिर में भी दीपक अवश्य जलाना चाहिए. इस दिन दीपक जलाने से शिव की कृपा आप पर बनी रहती है और पितृ देवता भी प्रसन्न होते हैं.

पवित्र नदी में करें दीपदान-जानकारी के दौरान हरियाली अमावस्‍या के दिन अपने पितरों का ध्यान करते हुए किसी पवित्र नदी में भी दीपदान करना चाहिए. इससे पितृ देवताओं की आत्मा को तृप्ति मिलती है और जीवन में खुशियों की बहार आती है.

इसे भी पढ़ें :- ‘यात्रा बहुत दूर की…’ अमेरिका की चीन से हुई दोस्ती! जल्द ही ट्रंप कर सकते हैं बीजिंग का दौरा

Latest News

रामगढ़ताल में गूंजी खिलाड़ियों की हुंकार, 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का भव्य आयोजन

गोरखपुर के रामगढ़ताल में 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया गय. 20 राज्यों के 273 से...

More Articles Like This

Exit mobile version