Kerala Assembly Elections 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है. 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले सभी दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने सबसे बड़े स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को चुनावी रण में उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है.
तिरुवल्ला में शक्ति प्रदर्शन, मध्य केरल पर खास नजर
प्रधानमंत्री का यह एक दिवसीय दौरा रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. वे पथानामथिट्टा जिले से अपने कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. दोपहर करीब 3 बजे कोट्टायम के चांगनास्सेरी पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से तिरुवल्ला के स्टेडियम में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे.
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, मध्य केरल का यह इलाका चुनावी दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. यहां होने वाली रैली न सिर्फ एनडीए कार्यकर्ताओं में जोश भरेगी, बल्कि अनिर्णय की स्थिति में खड़े मतदाताओं को भी प्रभावित कर सकती है.
तिरुवनंतपुरम में मेगा रोड शो, शक्ति का प्रदर्शन
जनसभा के बाद प्रधानमंत्री राजधानी तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) में एक भव्य रोड शो करेंगे. यह रोड शो किल्लीपलम जंक्शन से करमना तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आयोजित होगा. इस दौरान राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) और वी. मुरलीधरन (V. Muraleedharan) जैसे वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रह सकते हैं. प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद है.
पुडुचेरी की लहर को केरल में दोहराने की रणनीति
केरल दौरे से एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी (Puducherry) में हाई-प्रोफाइल रोड शो कर एनडीए के चुनावी अभियान को नई ऊर्जा दी थी. वहां दिखी भारी भीड़ और उत्साह ने पार्टी नेतृत्व का मनोबल बढ़ा दिया है.
मुख्यमंत्री एन. रंगासामी (N. Rangasamy) के साथ मंच साझा करने के बाद अब बीजेपी की नजर केरल की उन सीटों पर है जहां मुकाबला बेहद करीबी है.
क्या बदलेगा चुनावी गणित?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की इस आक्रामक प्रचार शैली से केरल में एनडीए को बढ़त मिल सकती है. खासकर उन सीटों पर असर पड़ सकता है जहां मुकाबला बराबरी का है.
हालांकि, केरल की पारंपरिक राजनीति को देखते हुए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह दौरा वोटों में कितना तब्दील हो पाएगा, लेकिन इतना तय है कि इससे चुनावी मुकाबला और ज्यादा रोचक हो गया है.
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