Srinagar: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को लोक भवन ऑडिटोरियम में ‘अनुकंपा नियुक्ति नियमों’ के तहत 50 आतंकी पीड़ितों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे. उपराज्यपाल ने इसे आतंकी पीड़ितों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपने को “शरणस्थली” (सहारा) का एक रूप भी बताया. LG मनोज सिन्हा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को रोजगार के अवसरों के माध्यम से अपने जीवन को फिर से बसाने में मदद करना है.
लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे कई परिवार
उन्होंने कहा कि मैं आतंकी पीड़ितों और उनके परिवारों को ‘शरणस्थली’ (सहारा) प्रदान कर रहा हूं. कई परिवार लंबे समय से इंतज़ार कर रहे थे. रोज़गार प्रदान करके, हम आशा की एक नई किरण ला रहे हैं और उन्हें अपने जीवन को फिर से बसाने का अवसर दे रहे हैं.” LG ने ईद का संदेश सांझा करते हुए इन नियुक्ति पत्रों को ईद का एक विशेष तोहफ़ा बताया.
करना चाहिए जम्मू-कश्मीर का पुनर्निर्माण
उन्होंने कहा कि सभी परिवारों को ईद मुबारक. ये पत्र न्याय, पहचान और एक नई शुरुआत के प्रतीक हैं. मिलकर, हमें अपने युवाओं का पालन-पोषण करना चाहिए, उनकी गरिमा सुनिश्चित करनी चाहिए और एक उज्ज्वल भविष्य के लिए जम्मू-कश्मीर का पुनर्निर्माण करना चाहिए.” सरकार के चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए LG सिन्हा ने कहा कि “आतंकी पीड़ितों के 400 से अधिक परिवारों को पहले ही नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं.
न्याय सिर्फ़ कागज़ पर लिखे शब्द नहीं
ये वास्तविक नियुक्तियां हैं, और यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा. कई अन्य लोग भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं और हम SSP तथा प्रशासन के बीच समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं.” उन्होंने कहा, “न्याय सिर्फ़ कागज़ पर लिखे शब्द नहीं हैं. यह वह रोशनी है जो दिलों के अंधेरे को दूर करती है और आशा की एक नई किरण लाती है.
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