Liquor Price Hike: शराब के शौकीनों को लगेगा झटका! 50 रुपये तक महंगी हो सकती है बोतल, बीयर के भी बढ़ेंगे दाम

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Liquor Price Hike: तमिलनाडु में शराब पीने वालों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. राज्य में शराब की कीमतें बढ़ाने की तैयारी चल रही है और अलग-अलग श्रेणी की शराब पर 10 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति बोतल तक की बढ़ोतरी हो सकती है. बीयर के दाम भी बढ़ाए जाने की चर्चा है. हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर इसी सप्ताह के आखिर से नई दरें लागू हो सकती हैं.

सोमवार को चेन्नई स्थित सचिवालय में शराबबंदी और आबकारी मंत्री के. विग्नेश की अध्यक्षता में तमिलनाडु राज्य विपणन निगम यानी Tasmac की बोर्ड बैठक हुई. बैठक में शराब की कीमतों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर चर्चा की गई. माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस पर अंतिम फैसला ले सकती है. अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो राज्य में शराब खरीदने वालों को हर बोतल के लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी.

कितनी महंगी हो सकती है शराब?

जानकारी के मुताबिक, शराब की कीमतों में बढ़ोतरी ब्रांड और श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. साधारण और मिडियम रेंज के ब्रांड्स की कीमत में 10 से 20 रुपये प्रति बोतल तक का इजाफा होने का अनुमान है. वहीं प्रीमियम और विदेशी शराब यानी IMFL की कीमत 30 से 50 रुपये प्रति बोतल तक बढ़ सकती है.

बीयर पीने वालों को भी झटका लग सकता है, क्योंकि बीयर की कीमत में करीब 10 रुपये प्रति बोतल की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी नई कीमतों की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में अंतिम फैसला होने के बाद ही साफ होगा कि किस श्रेणी और किस ब्रांड की शराब कितनी महंगी होगी.

दो साल से ज्यादा समय बाद बदल सकती हैं कीमतें

तमिलनाडु में शराब की कीमतों में पिछली बार 1 फरवरी 2024 को बदलाव किया गया था. उस समय सरकार ने अलग-अलग ब्रांड्स की शराब के दाम में 10 रुपये से लेकर 80 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद से कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया. अगर मौजूदा प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो दो साल से ज्यादा समय में यह शराब की कीमतों में पहला बदलाव होगा.

आखिर क्यों बढ़ाए जा सकते हैं शराब के दाम?

शराब की कीमतें बढ़ाने के पीछे सरकार के राजस्व से जुड़ा पहलू भी अहम माना जा रहा है. राज्य सरकार ने हाल ही में स्कूल-कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंड और मंदिरों के पास चल रहे 717 Tasmac रिटेल आउटलेट्स को बंद कराया था. इतनी बड़ी संख्या में शराब की दुकानें बंद होने से सरकार के राजस्व पर असर पड़ने की बात कही जा रही है. माना जा रहा है कि शराब की कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए इस नुकसान की कुछ हद तक भरपाई की जा सकती है.

शराब कंपनियों ने भी की खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, Tasmac के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में हाल ही में IMFL उत्पाद और बीयर की आपूर्ति करने वाले शराब निर्माताओं पर मैन्युफैक्चरिंग सेस लगाया गया था. इस शुल्क से सरकार को सालाना करीब 6,000 करोड़ रुपये से 10,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है.  दूसरी ओर, बढ़ते टैक्स और कच्चे माल की लागत में इजाफे के कारण शराब बनाने वाली कंपनियों पर भी दबाव बढ़ा है. इसी वजह से कंपनियों ने सरकार से खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग की थी. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार शराब की कीमतों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर कब और क्या फैसला लेती है.

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