Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने भी साफ कर दिया कि अब उसे इस अकाउंट को अनब्लॉक किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है. केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील के बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने अकाउंट बहाल करने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया.
यह अकाउंट ऐसे समय में ब्लॉक किया गया था, जब नीट परीक्षा को लेकर माहौल संवेदनशील था. सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अकाउंट से किए गए पोस्ट के कारण छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम और अफरा-तफरी फैलने की आशंका थी. हालांकि, अब परीक्षा समाप्त हो चुकी है और इसी के साथ सरकार की वह चिंता भी खत्म हो गई है.
सरकार ने कहा, अब अकाउंट बहाल करने पर आपत्ति नहीं
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार को अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के एक्स अकाउंट को बहाल करने पर कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि अकाउंट को पहले इसलिए ब्लॉक किया गया था, क्योंकि उसके पोस्ट से नीट परीक्षा के संवेदनशील समय में छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम और अफरा-तफरी फैलने की आशंका थी. इस पर अदालत ने कहा कि अब नीट परीक्षा पूरी हो चुकी है, इसलिए सरकार की वह चिंता भी खत्म हो गई है. इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए अकाउंट अनब्लॉक करने का रास्ता साफ कर दिया.
सरकार अत्यधिक शक्ति का इस्तेमाल न करे
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि यह आदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) के अधिकार को और ज्यादा मजबूत करता है. अदालत ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सरकार को नागरिकों के ऑनलाइन विचारों और आवाजों को दबाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अत्यधिक शक्ति (Excessive Power) का उपयोग नहीं करना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए ऐसे किसी भी प्रतिबंध की हमेशा कानूनी कसौटी पर गहन जांच होना जरूरी है.
जंतर-मंतर पर 18 दिनों से प्रदर्शन
नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ चर्चा में है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संगठन का दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया गया.
CJI की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ आंदोलन
बता दें कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ दरअसल एक व्यंग्यात्मक (सटायरिकल) मुहिम है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से अक्सर समसामयिक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर तीखी टिप्पणी करती है. यह व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक मौखिक टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ था.
उस सुनवाई के दौरान सीजेआई ने ऑनलाइन एक्टिविज्म की आड़ में पूरी व्यवस्था पर हमला करने वाले बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ हैशटैग तेजी से वायरल हो गया और इस आंदोलन की रूपरेखा बनी. हालांकि, बाद में सीजेआई ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणियां उन लोगों पर लक्षित थीं, जो फर्जी डिग्रियों के सहारे इस कानूनी पेशे में शामिल हो रहे हैं.
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