मचैल माता यात्रा 28 जुलाई से होगी शुरू, प्रतिदिन 8000 श्रद्धालुओं को मिलेगी अनुमति

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Machail Mata Yatra: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित प्रसिद्ध मचैल माता यात्रा को खराब मौसम के वजह से अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है. हालांकि जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था के तहत यात्रा 28 जुलाई से शुरू करने का निर्णय लिया है, लेकिन इसकी अंतिम अनुमति मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी.

बता दें कि समुद्र तल से 9,705 फीट की ऊंचाई पर स्थित मचैल माता मंदिर तक पहुंचने वाली यह यात्रा हर साल हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है. बीते वर्ष चिसोटी क्षेत्र में बादल फटने की घटना में बड़ी जनहानि के बाद इस बार प्रशासन ने सुरक्षा, पंजीकरण और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाया है जिससे यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.

28 जुलाई से शुरू होगी यात्रा

प्रशासन के अनुसार,  मचैल माता यात्रा को फिलहाल 3 दिनों के लिए स्थगित किया गया है. इसके बाद अब 28 जुलाई से श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह पूरी तरह मौसम की अनुकूल परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. दरअसल, किश्तवाड़ जिले की पद्दर घाटी में स्थित मचैल माता मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को जम्मू से लगभग 304.7 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है. अधिकांश यात्रा सड़क मार्ग से पूरी होती है, जबकि अंतिम 1.7 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय करना पड़ता है.

प्रतिदिन 8,000 श्रद्धालुओं की सीमा तय

यात्रा को सुरक्षित और नियंत्रित रखने के लिए जिला प्रशासन ने प्रतिदिन अधिकतम 8 हजार श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति देने का फैसला किया है. इसके अलावा यात्रा का समय भी तय किया गया है. ऐसे में श्रद्धालु सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही यात्रा कर सकेंगे. प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन स्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी.

ऑनलाइन पंजीकरण और RFID अनिवार्य

इसी बीच, उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा की निगरानी के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) प्रणाली भी लागू की गई है. प्रशासन ने कहा कि बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी.

25 जुलाई को खुलेंगे मंदिर के कपाट

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, 25 जुलाई को मचैल माता मंदिर के पवित्र कपाट खोले जाएंगे. इस अवसर पर मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे. इसके बाद मौसम की समीक्षा कर श्रद्धालुओं के लिए यात्रा शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

यात्रियों के लिए बनाए गए पंजीकरण केंद्र

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किश्तवाड़ के सरकूट स्थित गौरी शंकर मंदिर आधार शिविर में दो RFID पंजीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा गुलाबगढ़ क्षेत्र में भी करीब छह पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं ताकि यात्रियों को पंजीकरण में किसी तरह की परेशानी न हो.

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. यात्रा की निगरानी के लिए पुलिस, NDRF, SDRF, सेना और विशेष पुलिस चौकियों को तैनात किया गया है. श्रद्धालुओं से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करने और प्रशासन के निर्देशों का अनुसरण करने की अपील की गई है. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे के निर्णय लिए जाएंगे.

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