Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ ने दुनियाभर को झकझोर कर रख दिया है. बाढ़ के तांडव ने 389 लोगों की जिंदगियां निगल गई है. वहीं, इस त्रासदी में 800 से ज्यादा लोग लापता हैं.
किन कारणों से हुई तबाही
नेपाल में आई बाढ़ की वजह भूकंप बताई गई थी. हालांकि, वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार, ग्लेशियर के ढहने और फिर मलबे के तेज बहाव के कारण ये त्रासदी हुई. बाढ़ के बाद दिल्ली से काठमांडू के बीच चलने वाली बस सेवा पर रोक लगा दी गई है. वहीं, 29 अगस्त की नेपाली बस सेवा भी रोक दी गई है.
540 विदेशी नागरिक लापता हैं Nepal Flood
इस बाढ़ में 31 देशों के 540 विदेशी नागरिक लापता हैं. बीसीसीआई ने नेपाल पर्यटन बोर्ड के हवाले से ये जानकारी दी कि लापता होने वालों में भारतीय नागरिक ज्यादा हैं. जिनकी संख्या 178 है. वहीं, अलग-अलग देशों के 31 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.
लगातार बढ़ रहा मरने वालों का आंकड़ा
इस तबाही में मरने वालों संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अब तक बाढ़ की चपेट में 389 जिंदगियां आ गई हैं. ताजा आंकड़ों के अनुसार, रसुवा से 17 लोगों के शव बरामद हुए. नौकोट से 28, धडिंग से 33, चितवान से 132, गोरखा से 30, तानाहुन से 22, नवलपारसी ईस्ट से 82 और नवलपारसी वेस्ट से 15 लोगों के शब बरामद हुए. बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा.