Patna News: पटना में चल रहे अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच एक 6 साल के बच्चे का वीडियो चर्चा में आ गया है. डाकबंगला चौराहे पर बीपीएससी टीआरई-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पहली कक्षा में पढ़ने वाले आदित्य कुमार ने बस की छत पर चढ़कर माइक संभाला और बेरोजगारी, छात्रों पर लाठीचार्ज तथा युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी. हाथ में तिरंगा और पोस्टर लिए बच्चे का यह अंदाज देखकर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर खिंच गया. बताया गया है कि आदित्य इससे पहले भी कई छात्र आंदोलनों और धरनों में शामिल हो चुका है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प के बाद सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आदित्य और उसकी मां को भीड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
बस की छत पर चढ़कर दिया भाषण
डाकबंगला चौराहे पर बीपीएससी टीआरई-4 अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान 6 वर्षीय आदित्य एक हिरासत में ली जा रही बस की छत पर पहुंच गया. उसके हाथ में तिरंगा और पोस्टर था. इसके बाद उसने माइक अपने हाथ में लिया और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई तथा देश में बेरोजगारी के मुद्दे पर अपनी बात रखी. आदित्य के भाषण का वीडियो अब सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है.
मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च की कोशिश
अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर गांधी मैदान के पास एकत्र हुए थे. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री आवास की ओर शांतिपूर्ण मार्च निकालने की कोशिश की. प्रशासन ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर रखी थी. प्रदर्शनकारी छात्रों ने बैरिकेड्स को पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया. इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई छात्रों और पुलिसकर्मियों को चोट लगने की बात सामने आई.
आदित्य ने युवाओं के भविष्य को लेकर उठाई आवाज
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बीच आदित्य ने अपने भाषण में युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया. प्रदर्शन में आने की वजह पूछे जाने पर उसने अपने भविष्य की चिंता का हवाला दिया. पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आदित्य ने कहा कि लाठी सिर्फ छात्रों पर नहीं, बल्कि ‘देश के भविष्य’ पर चली है. आदित्य पहले भी छात्र आंदोलनों में नजर आ चुका है. वह पेपर लीक मामले और सीवान से जुड़े एक मुद्दे को लेकर आयोजित विपक्ष के मार्च में भी शामिल हुआ था. इसके अलावा गर्दनीबाग में भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों के धरने में भी वह उनके समर्थन में पहुंचा था.
पुलिस ने बच्चे और उसकी मां को सुरक्षित निकाला
डाकबंगला चौराहे पर तनाव बढ़ने के बाद पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदित्य और उसकी मां को वहां से निकालने का फैसला किया. पुलिस टीम ने दोनों को समझाया और एक सरकारी वाहन से भीड़भाड़ वाले इलाके से सुरक्षित स्थान पर भेज दिया. वहीं, प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में सुधार और अपनी मांगों को लेकर सरकार से सीधे संवाद की मांग पर कायम हैं.